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‘हर घर तिरंगा’ अभियान में अधिकतम जनभागीदारी हो सुनिश्चित : जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर भारतीय ध्वज संहिता के नियमों का पालन जरूरी, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में न हो कोई कमी

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी- राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशों के तहत जिले में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित करने की तैयारी की जा रही है। जिला पंचायत सीईओ एवं ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की नोडल अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अभियान में अधिक से अधिक जनसमुदाय को जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

जिला पंचायत सीईओ ने नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने तथा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को भारतीय ध्वज संहिता के प्रावधानों के अनुरूप सम्मानपूर्वक फहराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को इससे जोड़ना और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।

उन्होंने शासकीय एवं निजी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य संस्थाओं से भी अभियान में सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सहभागिता उत्साहजनक हो तथा विगत वर्षों की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया जाए।

वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न भी जुड़ेगा

सुश्री कौर ने कहा कि देशभक्ति से ओतप्रोत शासकीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर को भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान-2026 से जोड़कर विशेष रूप से मनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।

तिरंगे के सम्मान में न हो कोई चूक

जिला पंचायत सीईओ ने 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर हर्ष, उल्लास और देशभक्ति के जज्बे के साथ गरिमामयी कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय समारोहों में जनप्रतिनिधियों और आमजन की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान एवं स्वतंत्रता दिवस के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय भारतीय ध्वज संहिता के नियमों एवं प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। तिरंगे के सम्मान में किसी भी प्रकार की कमी न रहे और किसी भी परिस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

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