मध्यप्रदेश

जबलपुर के कुंडम में राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप: 4 पटवारियों ने SDM समेत अधिकारियों के खिलाफ थाने में दी शिकायत, जबरन ले जाने, बंधक बनाने, मोबाइल छीनने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप; FIR दर्ज करने की मांग से मचा हड़कंप

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

जबलपुर- जिले की कुंडम तहसील में राजस्व विभाग से जुड़ा विवाद गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। चार पटवारियों ने एसडीएम प्रगति गड़वीर, तहसीलदार रविंद्र कुमार पटेल, नायब तहसीलदार गोरेलाल मरावी समेत अन्य राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कुंडम थाने में लिखित शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटवारियों ने अधिकारियों पर जबरन शासकीय आवास परिसर से ले जाने, बंधक बनाने, मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

शासकीय आवास परिसर से ले जाने का आरोप

शिकायत के अनुसार, घटना 9 अक्टूबर की है। पटवारी अंजली गौतम, इशिका सोलंकी, धीरज साहू और देवांशु भदौरिया का आरोप है कि तहसीलदार रविंद्र कुमार पटेल, नायब तहसीलदार गोरेलाल मरावी, राजस्व निरीक्षक रज्जू निर्मलकर और मधु झरिया अपने ड्राइवर, नगर सैनिक तथा शासकीय वाहन के साथ उनके आवास परिसर पहुंचे थे।

पटवारियों का आरोप है कि मधु झरिया उन्हें नायब तहसीलदार के शासकीय आवास पर ले गए, जहां से बाद में एसडीएम कार्यालय पहुंचाकर एसडीएम प्रगति गड़वीर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध ले जाया गया। इसी घटनाक्रम को उन्होंने अपनी शिकायत में अपहरण किए जाने के रूप में उल्लेखित किया है।

स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री को लेकर बढ़ा विवाद

पटवारियों के मुताबिक, एसडीएम कार्यालय में उन पर स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री का कार्य तत्काल शुरू करने का दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशभर में इस कार्य का बहिष्कार किया जा रहा था, इसके बावजूद उनसे काम शुरू करने के लिए कहा गया।

शिकायत में एसडीएम पर कथित तौर पर नौकरी से हटाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पटवारियों का दावा है कि काम शुरू नहीं करने पर नौकरी चले जाने की बात कही गई तथा उनके मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए गए। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को मानसिक प्रताड़ना बताते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल

चार पटवारियों की शिकायत के बाद कुंडम तहसील का यह मामला राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों के आचरण को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

अब निगाहें कुंडम पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या पुलिस शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज करेगी, या मामले में कोई अन्य कार्रवाई होगी, यह देखना होगा। फिलहाल, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है। निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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