जबलपुर- रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है और इस दिन भाई बहन से राखी बंधवाकर उसकी सुरक्षा का वादा करता है, लेकिन जबलपुर में एक बहन ने इस रक्षाबंधन पर अपने भाई को नई जिंदगी की सौगात दी। जबलपुर की राखी गुप्ता (यदु) ने छोटे भाई सोनू यदु को किडनी दान कर इस रिश्ते की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने न केवल भाई को नया जीवन दिया, बल्कि उसके स्वस्थ होने तक नागपुर में रहकर देखभाल करने का फैसला किया है।
7 साल से किडनी की बीमारी से परेशान था भाई
बहन राखी ने बताया कि सोनू पिछले 7 साल से किडनी बीमारी से जूझ रहे थे और करीब 4 साल से डायलिसिस चल रहा था। पति के निधन के बाद राखी मायके में भाई-भाभी के साथ रहने लगी थीं। भाई को तकलीफ में देखकर उन्होंने किडनी दान करने का फैसला लिया और भाई को किडनी देकर उसे नई जिंदगी दी। बहन राखी ने बताया कि भाई सोनू के दो छोटे बच्चे भी हैं।
नागपुर में हुआ ट्रांसप्लांट
10 अगस्त को नागपुर के केयर अस्पताल में दोनों का सफल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। डॉक्टरों ने बुधवार को सोनू के टांके काटे। राखी ने कहा, भाई हमेशा बहन को उपहार देते हैं, लेकिन इस रक्षाबंधन पर मैंने भाई व परिवार को अनमोल तोहफा दिया है। वो भाई की सेवा करने के लिए उसके साथ नागपुर में ही हैं। राखी के भाई को किडनी देकर नई जिंदगी देने के इस फैसले की हर कोई तारीफ कर रहा है और लोग इसे भाई-बहन के प्रेम की मिसाल बता रहे हैं।
इन बहनों ने भी भाई को दी जिंदगी
भोपाल के अतुल सक्सेना(47) की जन्म से ही उनकी एक ही किडनी थी, जो पूरी तरह काम करना बंद कर चुकी थी। ऐसे में इंदौर में रहने वाली उनकी बहन ममता ने भाई को किडनी दी।
भोपाल की ही 26 वर्षीय प्राची माहेश्वरी ने जन्म से किडनी की बीमारी से जूझ रहे अपने 20 वर्षीय भाई अंकुर को अपनी एक किडनी दान की।राजगढ़ के रहने वाले 58 वर्षीय वकील गिरीश शर्मा की दोनों किडनियां फेल हो गईं तो बहन शकुंतला शर्मा (64) ने एक किडनी दान कर नया जीवन दिया।
ग्वालियर की ममता लोईवाल ने तो भाई को नई जिंदगी ही दे दी, 4 बहनों के इकलौते भाई का लीवर खराब होने पर ममता लोईवाल ने अपना लीवर भाई को दे दिया। हाथरस निवासी ईश्वर माहेश्वरी चार बहनों में सबसे छोटे हैं।