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9 साल बाद घर वापस लौटी बेटी तो छलक पड़े परिजनों के खुशी से आंसू, सागर पुलिस ने 22 लंबित अपहरण प्रकरण सुलझाकर गुम/अपहृत बालक-बालिकाओं को सकुशल परिजनों से मिलाया

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल/सागर- नाबालिग बालक-बालिकाओं की गुमशुदगी और अपहरण के मामलों में मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील एवं प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सागर पुलिस ने वर्षों से लंबित 22 अपहरण प्रकरणों में गुम एवं अपहृत बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिवारों तक पहुंचाया। पुलिस की टीमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र तक पहुंचीं।

पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में लंबे समय से लंबित प्रकरणों की विशेष समीक्षा कर प्रत्येक मामले के लिए अलग कार्ययोजना तैयार की गई। चिन्हित मामलों में विशेष पुलिस टीमों का गठन कर उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

आधार कार्ड से मिला 9 साल पुराना सुराग

थाना भानगढ़ के करीब 9 वर्ष पुराने मामले में घर से स्कूल जाने के बाद लापता हुई अपहृता की तलाश पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने अपहृता से संबंधित नवीनतम आधार कार्ड एवं अन्य व्यक्तिगत जानकारी जुटाकर तकनीकी विश्लेषण किया। इससे उसके नवीनतम पते का सुराग मिला और पुलिस ने उसे सकुशल दस्तयाब कर लिया। वर्षों बाद बेटी को सामने देखकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

साइबर विश्लेषण ने पहुंचाया सूरत

थाना रहली के अपहरण प्रकरण में तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन का विश्लेषण किया गया। जांच में अपहृता की मौजूदगी सूरत, गुजरात में सामने आई। पुलिस टीम तत्काल सूरत पहुंची और अपहृता को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा।

परिजनों से लगातार संपर्क बना सफलता का आधार

थाना बीना के प्रकरण में पुलिस ने अपहृता के परिजनों से लगातार संपर्क बनाए रखा। परिवार से मिली जानकारियों और महत्वपूर्ण सुरागों को एकत्र कर तलाश आगे बढ़ाई गई। पुलिस के प्रयासों से अपहृता को सकुशल खोज निकाला गया।

स्कूल जाने निकली, महाराष्ट्र में मिली

थाना केसली क्षेत्र में स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली अपहृता वापस नहीं लौटी। पुलिस ने संदेही के परिजनों से लगातार समन्वय कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। सुराग मिलने के बाद पुलिस टीम नलवाड़ी, महाराष्ट्र पहुंची और अपहृता को सकुशल दस्तयाब किया।

इसी तरह केसली के एक अन्य प्रकरण में घर से बिना बताए निकली अपहृता की तलाश में उसकी बहन से लगातार संपर्क किया गया। प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने चिंचवाड़ा, महाराष्ट्र पहुंचकर उसे सकुशल दस्तयाब कर लिया।

22 परिवारों में लौटीं खुशियां

सागर पुलिस की विशेष कार्ययोजना के तहत कुल 22 लंबित प्रकरणों में गुम एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई। इनमें कई ऐसे मामले थे, जिनमें परिजन लंबे समय से अपने बच्चों की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे।

पुलिस ने परिजनों से निरंतर संपर्क, व्यक्तिगत जानकारी का अद्यतन संकलन, साइबर तकनीक, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और मैदानी पुलिसिंग को एक साथ जोड़कर इन मामलों में सफलता हासिल की।

सागर पुलिस की यह कार्रवाई साबित करती है कि पुराने से पुराने लंबित मामलों में भी यदि योजनाबद्ध तरीके से जांच, आधुनिक तकनीक और लगातार मैदानी प्रयास किए जाएं तो सफलता हासिल की जा सकती है। वर्षों से बिछड़े बच्चों के सकुशल घर लौटने से 22 परिवारों में एक बार फिर खुशियां लौट आईं।

मध्यप्रदेश पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई बालक या बालिका गुम होता है तो परिजन बिना देरी किए तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को त्वरित कार्रवाई कर बच्चे को सुरक्षित दस्तयाब करने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।

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