स्वामित्व योजना के काम को मिलेगी गति, पटवारियों को कानूनी संरक्षण देने और 17 सितंबर के बाद की कार्रवाइयां शून्य करने पर बनी सहमति
भोपाल- मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर पटवारी संघ और राज्य सरकार के बीच चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद पटवारी संघ ने 12 अक्टूबर से स्वामित्व योजना का काम दोबारा शुरू करने का ऐलान किया है। इससे लंबे समय से प्रभावित योजना के कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
पटवारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल के मुताबिक, मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में पटवारियों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई। स्वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्रियों से जुड़े मामलों में पटवारियों को कानूनी संरक्षण देने के लिए आदेश जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, 17 सितंबर के बाद पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों को शून्य करने पर भी सहमति बनी है।
वेतन विसंगति पर आयोग के बाद फैसला
बैठक में पटवारियों की वेतन विसंगति और अन्य आर्थिक मांगों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने आश्वासन दिया कि वेतन विसंगति के मुद्दे पर आयोग गठित होने के बाद निर्णय लिया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री ने 27 अक्टूबर को प्रस्तावित पटवारी महासम्मेलन में आर्थिक मांगों को लेकर घोषणा करने का भरोसा दिलाया है।
50 लाख भूमि पंजीयन का लक्ष्य
स्वामित्व योजना के तहत मध्य प्रदेश में करीब 50 लाख भूमि पंजीयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पटवारियों की हड़ताल और कार्यगत गतिरोध के चलते प्रभावित हो रहे काम को अब दोबारा गति मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री से हुई बातचीत के बाद संघ के काम पर लौटने के फैसले को सरकार और पटवारी संघ के बीच टकराव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।