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जन विश्वास अभियान में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: जिला पंचायत सीईओ, 7 अगस्त से शुरू अभियान के सफल क्रियान्वयन के निर्देश, छूटे पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी- “मुख्यमंत्री-जन विश्वास अभियान 2026” के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारी मिशन मोड पर कार्य करें और अंतिम पंक्ति तक के छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। यह निर्देश जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं मुख्यमंत्री-जन विश्वास अभियान की ग्रामीण क्षेत्रों की नोडल अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने दिए।

मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में सुश्री कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री-जन विश्वास अभियान राज्य शासन और जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यह अभियान शुक्रवार 7 अगस्त से प्रारंभ होकर 8 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के सफल एवं सुचारु क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों की संयुक्त जिम्मेदारी है।

उन्होंने निर्देश दिए कि जारी कैलेंडर के अनुसार निर्धारित क्लस्टर मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले शिविरों तथा उनमें शामिल ग्राम पंचायतों की निर्धारित तिथि और स्थान की जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण नागरिकों तक व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अनिवार्य रूप से पहुंचाई जाए। अभियान के दौरान प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों और शिकायतों का सटीक परीक्षण कर मौके पर निराकृत किए जा सकने वाले प्रकरणों का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिल सके।

सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने कहा कि जिन आवेदनों का तत्काल निराकरण संभव नहीं है, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित कर आवेदकों को स्पष्ट जानकारी दी जाए। साथ ही ऐसे प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त लंबित शिकायतों का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि अभियान की रैंकिंग में शिकायतों के निराकरण की स्थिति भी महत्वपूर्ण पैरामीटर होगी।

पुराने अपूर्ण कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश

जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायतवार एवं क्लस्टरवार निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि पिछले वर्षों के लंबित एवं अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के साथ मिशन मोड पर पूरा कराया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए सभी अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें।

बैठक में महिला एवं बाल विकास, श्रम और विद्युत विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। सुश्री कौर ने अपूर्ण आंगनबाड़ी भवनों, बाल सुलभ शौचालयों और रेनवाटर हार्वेस्टिंग कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के लंबित प्रकरणों में तत्परता से कार्रवाई कर उनका निराकरण सुनिश्चित करने के लिए सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं श्रम विभाग को निर्देशित किया गया।

ग्राम पंचायतों की नल-जल योजनाओं के विद्युत कनेक्शन एवं विद्युत देयकों के भुगतान से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों को संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

योजनाओं और लंबित प्रकरणों की हुई विस्तृत समीक्षा

समीक्षा बैठक में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के अंतर्गत लेबर बजट, सिपरी एवं युक्ति धारा पोर्टल पर दर्ज कार्यों तथा रिजेक्ट ट्रांजैक्शन की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके अलावा मध्यान्ह भोजन योजना, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायत निर्माण कार्य, 15वें वित्त आयोग, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

सुश्री कौर ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने और निर्माण एवं विकास कार्यों को निर्धारित अवधि में पूर्ण कराने के आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की प्रभारी कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य, परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, ऋषिराज चढ़ार, सहायक परियोजना अधिकारी विजयलक्ष्मी मरावी, मृगेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी योगेंद्र कुमार असाटी सहित सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री, उपयंत्री, एपीओ, एएओ एवं एनआरएलएम के खंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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