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गड्ढों में दफन उमरियापान-सिहोरा रोड! प्रशासन और जिम्मेदार विभाग आखिर किस बड़े हादसे का कर रहे इंतजार? बारिश में पानी से छिपे जानलेवा गड्ढे, वाहन चालक जान हथेली पर रखकर कर रहे सफर

जनलोक टाईम्स से सोनू त्रिपाठी की रिपोर्ट

उमरियापान- उमरियापान-सिहोरा मार्ग की बदहाल स्थिति अब केवल खराब सड़क का मामला नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुकी है। सड़क पर जगह-जगह उभरे गहरे गड्ढों ने इस महत्वपूर्ण मार्ग को खतरनाक बना दिया है। हर दिन हजारों लोग जान जोखिम में डालकर इस सड़क से गुजर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की चुप्पी लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है।

बारिश के बाद हालात और भयावह हो गए हैं। सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती। दोपहिया वाहन चालक अचानक गड्ढों में फंसकर संतुलन खो सकते हैं, जबकि चारपहिया और मालवाहक वाहन जोरदार झटकों के साथ निकल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही सड़क सुधारने की कार्रवाई करेगा?

सड़क पर गड्ढे या गड्ढों में सड़क?

मार्ग के कई हिस्सों में सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वाहन चालक सड़क पर चलने के बजाय गड्ढों के बीच सुरक्षित रास्ता तलाशते नजर आते हैं। कई जगह वाहन रेंगते हुए गुजर रहे हैं। इससे यात्रा का समय बढ़ रहा है और वाहनों के रखरखाव पर अतिरिक्त खर्च भी लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है।

उमरियापान-सिहोरा मार्ग क्षेत्र के आवागमन की प्रमुख कड़ी है। छात्र, कर्मचारी, व्यापारी, ग्रामीण और अन्य यात्री प्रतिदिन इसी सड़क से गुजरते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से गड्ढों की स्थायी मरम्मत और सड़क सुधार के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

जनता परेशान, जिम्मेदार बेखबर!

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। जिम्मेदार अधिकारियों और विभाग के कर्मचारियों का भी इसी मार्ग से आना-जाना होता है, फिर भी सड़क की हालत सुधारने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नजर नहीं आ रही। लोगों का सवाल है कि जब गड्ढे साफ दिखाई दे रहे हैं और दुर्घटना का खतरा हर दिन बना हुआ है, तो फिर सुधार कार्य शुरू करने में देरी क्यों?

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क का निरीक्षण कराने, गहरे गड्ढों की गुणवत्ता के साथ स्थायी मरम्मत कराने तथा पूरे मार्ग के सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग की है।

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