मध्यप्रदेश के गुना निवासी रिटायर्ड IPS अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। मामला वर्ष 1984 में विदिशा जिले से जारी हुए अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाणपत्र से जुड़ा है। शासन स्तर पर गठित अनुसूचित जनजाति संदेहास्पद जाति प्रमाणपत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने जांच के बाद इस प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित किया था।
शिकायत के अनुसार, मीना ने MPPSC परीक्षा में ST वर्ग का लाभ लेकर पुलिस उपाधीक्षक पद हासिल किया था। वहीं उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस यह भी जांच रही है कि सरकारी शिक्षक के रूप में सेवा के दौरान उन्होंने OBC वर्ग का उल्लेख किया था या नहीं और बाद में ST प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ किस तरह मिला।
शिकायतकर्ता की ओर से वर्ष 2016 में मामला उठाए जाने के बाद अब सतर्कता शाखा की कार्रवाई सामने आई है। FIR में प्रमाणपत्र जारी होने से लेकर उसके इस्तेमाल और उससे मिले संभावित लाभों की जांच की जा रही है। रघुवीर सिंह मीना की पत्नी ममता मीना पूर्व विधायक रह चुकी हैं और दोनों वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य बताए गए हैं। मामले में अंतिम तथ्य जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।