मध्यप्रदेश

बागेश्वर धाम सरकार को बदनाम करने की साजिश का दावा, वायरल खड़ाऊं निकली लकड़ी की, सोने की बताई जा रही खड़ाऊं को लेकर उठे सवालों पर बागेश्वर धाम सरकार ने खुद खड़ाऊं सामने रखकर बताई हकीकत, रंग देखकर हुआ सोने का भ्रम

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

छतरपुर- बागेश्वर धाम सरकार की खड़ाऊं को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक दावे के बाद मामला चर्चा में आ गया। कुछ लोगों द्वारा इन खड़ाऊं को सोने की बताकर प्रचारित किया जा रहा था। इसके बाद बागेश्वर धाम सरकार से इस संबंध में सवाल किया गया।

मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बागेश्वर धाम सरकार श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वायरल हो रही खड़ाऊं को सभी के सामने रख दिया। खड़ाऊं को सामने से देखने पर वह लकड़ी की बनी हुई दिखाई दीं, जबकि उन पर किया गया रंग सोने जैसा नजर आ रहा था। इसी वजह से उन्हें सोने की खड़ाऊं बताए जाने की बात सामने आई।

बागेश्वर धाम सरकार की ओर से खड़ाऊं को सार्वजनिक रूप से सामने रखे जाने के बाद सोशल मीडिया पर चल रहे सोने की खड़ाऊं वाले दावे को लेकर चर्चाओं पर विराम लगा। समर्थकों ने इसे बागेश्वर धाम सरकार को बदनाम करने की कोशिश बताया, हालांकि इस दावे के पीछे किसकी भूमिका थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स से भी अपील की जा रही है कि किसी भी वायरल दावे को बिना पुष्टि के आगे साझा करने के बजाय उसकी वास्तविकता जांचें।

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