मध्यप्रदेश

शरद पूर्णिमा पर कटनी में असाटी समाज ने पेश की सेवा और समर्पण की मिसाल, कटनी कल्याण केंद्र की टीम के प्रयासों का असाटी समाज ने किया सम्मान, शासकीय चिकित्सालय में मरीजों एवं जरूरतमंदों को खिचड़ी एवं फल वितरित कर दिया मानवता का संदेश

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी- शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए असाटी समाज वैश्य विकास समिति द्वारा कटनी में भव्य एवं दिव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सेवा भावना से ओतप्रोत इस आयोजन ने समाज की एकजुटता के साथ-साथ मानव सेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी उजागर किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत असाटी समाज वैश्य विकास समिति के सजातीय बंधुओं कटनी कल्याण केंद्र की टीम ने शासकीय चिकित्सालय, कटनी पहुंचकर मरीजों को खिचड़ी एवं फल वितरित किए। इस पुनीत कार्य के माध्यम से समाजजनों ने जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता प्रकट करते हुए सेवा, सहयोग और परोपकार का प्रेरणादायी संदेश दिया। मरीजों के बीच पहुंचकर खाद्य सामग्री एवं फल वितरण करना आयोजन का विशेष आकर्षण रहा। इसके पूर्व शहर के हृदय में स्थित भगवान परशुराम जी के मंदिर में श्री संकट मोचन मंडल कटनी द्वारा सद्भाव प्रार्थना, सुंदर कांड और भजनोत्सव के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर असाटी समाज के अत्यंत वरिष्ठ श्री गौरी शंकर असाटी, अध्यक्ष अनीता शैलेंद्र कुमार असाटी, संरक्षक सरिता योगेंद्र कुमार असाटी, राष्ट्रीय प्रवक्ता गीता राजकुमार असाटी, राष्ट्रीय शिक्षा संयोजक राजेंद्र असाटी,महिला अध्यक्ष सुनीता राम गोपाल असाटी, उपाध्यक्ष संजय असाटी, विनय , राजा, मनोज सहित समाज के अनेक पदाधिकारी सामाजिक बंधु,मित्र, सहयोगी एवं शुभचिंतक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

असाटी वैश्य विकास समिति ने कटनी कल्याण केंद्र की टीम के राम, अभिलाष, अभिषेक,साकेत,निखिल दुबे ,हर्ष गुप्ता, देवेंद्र सिंह, एवं गुड्डू सहित अन्य साथियों का प्रति रविवार को जिला चिकित्सालय में खिचड़ी एवं अन्य आवश्यक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता करने हेतु सम्मान किया गया।

उल्लेख किया जाना उचित होगा कि कटनी कल्याण केंद्र की टीम इस बार 184 वें रविवार को जरूरतमंदों की सहायता हेतु अपनी सेवाएं दे रही थी। जो सभी के लिए एक प्रेरणा का विषय है।

शरद पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर आयोजित सेवा गतिविधि ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की वास्तविक सार्थकता केवल उत्सव मनाने में ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के साथ खुशियां बांटने और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने में भी निहित है।

असाटी समाज की यह पहल सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने वाली रही। सेवा, संस्कार और सामाजिक एकता के संगम के रूप में आयोजित यह कार्यक्रम कटनी में असाटी समाज की सक्रियता और जनकल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण बना। शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर समाजजनों ने सेवा को ही सच्चा धर्म मानते हुए जनसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया।

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