17 अगस्त को सावन सोमवार और नाग पंचमी एक साथ होने के कारण उज्जैन के महाकाल मंदिर और नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इसी बीच हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग क्षेत्र में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। धक्का-मुक्की, गर्मी और भारी भीड़ के बीच कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। परिजन और सुरक्षाकर्मी तुरंत करीब 13 लोगों को उज्जैन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां सभी का उपचार जारी है। डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन के लिए भीड़ को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
मंदिर प्रबंध समिति ने किया खंडन
वहीं, इस घटना को लेकर मंदिर प्रबंधन की तरफ से आधिकारिक बयान सामने आया है। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा भगदड़ की खबर का खंडन किया गया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि कुछ मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मंदिर में अफरातफरी एवं अव्यवस्था संबंधी भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनका मंदिर प्रबंध समिति पूर्णतः खंडन करती है।
नागपंचमी, सावन सोमवार एवं भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने से श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक रही। अब तक लगभग 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। विभिन्न मार्गों पर लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। समिति ने अपील कि है श्रद्धालु केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें और भ्रामक अथवा अपुष्ट खबरों को साझा न करें।