मध्यप्रदेशराजनीति

इंदौर में गरबा पंडाल से नाबालिग को बदसलूकी कर धक्का देने वाले भाजपा मंडल अध्यक्ष पर FIR, पार्टी ने भी थमाया नोटिस; तीन दिन में मांगा जवाब

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

इंदौर- गरबा उत्सव के दौरान एक नाबालिग बालिका के साथ कथित बदसलूकी और उसे धक्का देकर पंडाल से हटाने के मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल चौहान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने नाबालिग की शिकायत के आधार पर कमल चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, भाजपा ने भी मामले पर नाराजगी जताते हुए मंडल अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने उन्हें तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

गरबा पंडाल में हुई घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने नाबालिग बालिका और उसके परिजनों की जानकारी जुटाई। इसके बाद बालिका की शिकायत के आधार पर शनिवार को भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल चौहान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

पार्टी ने भी दिखाई सख्ती, तीन दिन में जवाब तलब

मामले को लेकर भाजपा ने भी नाराजगी जाहिर की है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देशानुसार कमल चौहान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नोटिस में कहा गया है कि उनका आचरण पार्टी की विचारधारा और पद की गरिमा के अनुरूप नहीं रहा। उन्हें तीन दिन के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि घटना गुरुवार रात की है, जबकि इसका वीडियो शुक्रवार को सामने आया। वायरल वीडियो में कमल चौहान एक नाबालिग बालिका से बहस करते और उसे धक्का देकर गरबा स्थल से हटाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उन्हें बालिका से ‘तू हट जा यहां से’ कहते सुना जा सकता है। इस पर बालिका भी उनके व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कहती है कि इस तरह बात करना ठीक नहीं है। वह पुलिस में शिकायत करने की बात भी कहती नजर आती है।

जानकारी के अनुसार, नाबालिग बालिका अपने परिजनों के साथ गरबा उत्सव में पहुंची थी। वह गरबा करना चाहती थी, लेकिन कथित तौर पर उसे प्रवेश नहीं दिया गया। इसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बनी।

पुलिस जांच और पार्टी के फैसले पर टिकी नजरें

वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस और भाजपा संगठन, दोनों स्तरों पर पहुंच गया है। एक ओर पुलिस एफआईआर दर्ज कर घटना की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी ने मंडल अध्यक्ष से जवाब मांगा है। अब पुलिस जांच के निष्कर्ष और पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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