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कुख्यात डकैत ललित पटेल का खात्मा करने वाले IPS राजेश हिंगणकर की सेवावृद्धि, एक साल और संभालेंगे CM ऑफिस की जिम्मेदारी

जनलोक टाइम्स से सोनू त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल- मध्यप्रदेश में कुख्यात डकैत ललित पटेल का आतंक खत्म करने वाले रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी श्री राजेश कुमार हिंगणकर की सेवाओं पर राज्य सरकार ने एक बार फिर भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) के पद पर कार्यरत श्री हिंगणकर की संविदा नियुक्ति एक साल के लिए बढ़ा दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। अब वे 31 अक्टूबर 2027 तक मुख्यमंत्री कार्यालय में अपनी सेवाएं देते रहेंगे।

श्री हिंगणकर की मौजूदा संविदा नियुक्ति 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो रही थी। इसके पहले ही राज्य सरकार ने उनकी सेवावृद्धि का निर्णय लेते हुए उन्हें एक और साल की जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस सेवा के दौरान अपनी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पहचान बनाने वाले हिंगणकर सेवानिवृत्ति के बाद भी शासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

ललित पटेल के एनकाउंटर से मिली थी पहचान

मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में कभी कुख्यात डकैत ललित पटेल की दहशत हुआ करती थी। उसके नाम से ही लोग भयभीत रहते थे। 6 अगस्त 2017 को सतना जिले के नयागांव थाना क्षेत्र के पोखरवार जंगल में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान ललित पटेल को मार गिराया था। उस समय राजेश हिंगणकर सतना के पुलिस अधीक्षक थे और उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की थी।

डकैत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जंगल में चारों ओर से घेराबंदी की थी। पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण के लिए कहे जाने के बाद भी डकैतों की ओर से गोलीबारी की गई, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में ललित पटेल मारा गया और सीमावर्ती क्षेत्र में उसके आतंक का अंत हुआ। इस अभियान को हिंगणकर के पुलिस करियर की प्रमुख कार्रवाइयों में गिना जाता है।

जनता का समर्थन ही पुलिस का आत्मविश्वास

मुठभेड़ का जिक्र करते हुए राजेश हिंगणकर ने एक साक्षात्कार में बताया था कि ललित पटेल को पहले आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था। उन्होंने डकैत को बेहद क्रूर बताया था। हिंगणकर का मानना रहा है कि जनता का समर्थन पुलिस के आत्मविश्वास को मजबूत करता है और अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने की ताकत देता है।

सेवानिवृत्ति के बाद भी सरकार ने जताया भरोसा

श्री राजेश हिंगणकर की सेवावृद्धि को मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी भूमिका के प्रति सरकार के भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस सेवा के दौरान अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई से चर्चा में रहे हिंगणकर अब प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री कार्यालय की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। संविदा नियुक्ति में एक साल की बढ़ोतरी के बाद वे अक्टूबर 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे।

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