कलेक्टरों और एसपी को वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश, किसानों को खाद की निर्बाध आपूर्ति और पात्र किसानों को शीघ्र राहत राशि देने के निर्देश; 9 नवंबर को प्रदेशभर में होगा गोवर्धन पूजा का आयोजन
भोपाल- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को दीपावली पर्व के मद्देनजर शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान अवैध एवं प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जाए। साथ ही कार्बाइड गन एवं कार्बाइड लैंप के उपयोग पर भी सख्ती से अंकुश लगाया जाए। मुख्यमंत्री ने छोटे दुकानदारों को तहबाजारी से छूट देने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि दीपावली का पर्व प्रदेश में शांति, सद्भाव और उल्लास के साथ मनाया जाए। इसके लिए सभी जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी सतर्कता से कार्य करें।
उन्होंने बताया कि 9 नवंबर को प्रदेशभर में गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद की उपलब्धता और किसानों को राहत सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने किसानों को खाद एवं उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रदेश के सामान्य वर्षा वाले 12 जिलों में आनावारी के आंकड़े प्राप्त होने के बाद शीघ्र सर्वे कराने और पात्र किसानों को नियमानुसार राहत राशि वितरित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
धनतेरस पर रजिस्ट्री योजना को गति देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत अपने-अपने जिलों के अधिक से अधिक गांवों में शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराने का प्रयास करने को कहा। इसके लिए संबंधित अधिकारी पहले से तैयारी करें और योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाएं।
अवैध शराब पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवैध शराब के निर्माण, उपयोग एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सभी जिलों में नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार और पुनर्वास की सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था, किसान हित और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता से कार्य करने की अपेक्षा की।