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तबादले के चार दिन बाद IPS अनुराग सुजानिया का इस्तीफा, पुलिस महकमे में मची हलचल

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल- मध्यप्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया के इस्तीफे ने प्रदेश के पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। सागर पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद से हटाए जाने के महज चार दिन बाद उनके नौकरी छोड़ने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारी की ओर से इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए जा रहे हैं, लेकिन उनके अचानक इस फैसले को लेकर पुलिस और प्रशासनिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले अनुराग सुजानिया को पुलिस महकमे में एक अच्छे और युवा अधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है। हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें सागर एसपी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में अटैच कर दिया गया था। फील्ड पोस्टिंग से हटाकर मुख्यालय भेजे जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया। ऐसे में तबादले और इस्तीफे के बीच संबंध को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

मुरैना और सागर के जहरीली शराब कांड से जुड़े रहे चर्चाओं में

अनुराग सुजानिया का नाम इससे पहले मुरैना और सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामलों को लेकर भी चर्चा में रहा है। वर्ष 2021 में मुरैना में जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद सागर जिले में हाल ही में जहरीली शराब से 15 लोगों की मौत का मामला सामने आया। इन घटनाओं के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे थे।

मुरैना शराब कांड की जांच के दौरान पुलिस संरक्षण में अवैध शराब बेचे जाने से जुड़े आरोप भी सामने आए थे। वहीं सागर में हुई मौतों के बाद राज्य सरकार ने जिले के कलेक्टर को भी पद से हटा दिया था। इन घटनाओं के चलते अनुराग सुजानिया लगातार सुर्खियों में बने रहे।

दिग्विजय सिंह ने लगाए थे अवैध वसूली के गंभीर आरोप

सागर शराब कांड के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी अनुराग सुजानिया पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने मीडिया के सामने दावा किया था कि एसपी रहते हुए प्रतिमाह करीब 50 से 60 लाख रुपये की अवैध वसूली की जाती थी। दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा था कि यदि उनके आरोप गलत हैं तो एसपी उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा कर सकते हैं और वे अपने आरोपों को अदालत में प्रमाणित करेंगे।

दिग्विजय सिंह ने मुरैना में एसपी रहते हुए जहरीली शराब से हुई मौतों और बाद में सागर में इसी तरह की घटना सामने आने पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि ये आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

पीएचक्यू की बैठक के बाद स्थिति हो सकती है स्पष्ट

अनुराग सुजानिया के इस्तीफे के पीछे फिलहाल व्यक्तिगत कारण बताए जा रहे हैं। वहीं पुलिस मुख्यालय में मंगलवार शाम प्रस्तावित बैठक के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक युवा आईपीएस अधिकारी ने अचानक सेवा छोड़ने का फैसला क्यों लिया? क्या यह केवल व्यक्तिगत निर्णय है या इसके पीछे तबादले और हालिया घटनाक्रम की भी कोई भूमिका है, इसका जवाब आने वाले समय में ही सामने आएगा।

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