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हाईकोर्ट का सख्त रुख: दो IAS अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, कमिश्नर-एसपी को दोनों अधिकारियों को 21 सितंबर को कोर्ट में पेश कराने के निर्देश

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल/सागर- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कोर्ट के आदेश की अवहेलना और अवमानना मामले में दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। हाईकोर्ट ने भोपाल कमिश्नर और सागर एसपी को निर्देश दिए हैं कि दोनों अधिकारियों को वारंट तामील कराकर 21 सितंबर 2026 को कोर्ट में पेश कराया जाए।

गिरफ्तारी वारंट जिन अधिकारियों के खिलाफ जारी किया गया है, उनमें तत्कालीन प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल और तत्कालीन सागर कलेक्टर संदीप जीआर शामिल हैं। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दोनों अधिकारियों ने नोटिस मिलने के बावजूद न तो अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई और न ही कोर्ट के आदेश के पालन से संबंधित रिपोर्ट पेश की।

2025 में दिया था नियमितीकरण पर निर्णय का आदेश

मामला सागर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ अनुभाग अधिकारी शीला सेन के नियमितीकरण से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2025 को तत्कालीन सागर कलेक्टर संदीप जीआर को नियमितीकरण के मामले में 90 दिन के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। निर्धारित अवधि गुजरने के बाद भी आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गथे इसके बाद सितंबर 2025 में हाईकोर्ट ने तत्कालीन प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल और तत्कालीन सागर कलेक्टर संदीप जीआर को अवमानना याचिका के संबंध में नोटिस जारी किए थे।

नोटिस के बाद भी कोर्ट में नहीं पहुंचे अधिकारी

हाईकोर्ट के अनुसार, नोटिस मिलने के बावजूद दोनों अधिकारियों ने कोर्ट के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई और न ही आदेश के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने वाली रिपोर्ट पेश की। मामले में अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अलावा अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।

राज्य प्रशासन के रवैये पर भी नाराजगी

कोर्ट ने अवमानना मामलों में राज्य प्रशासन के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारियों की ओर से पूरी तरह निष्क्रियता दिखाई जा रही है। इसी के चलते दोनों अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए भोपाल कमिश्नर और सागर एसपी को उनकी तामील कराने तथा 21 सितंबर 2026 को दोनों को हाईकोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

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