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ग्राम विकास में पारदर्शिता की शपथ के साथ जिला स्तरीय पंच सम्मेलन संपन्न, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और ग्राम की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप विकास योजना बनाने पर जोर, वीबी-जी राम जी अधिनियम के नियमों-प्रावधानों की दी जानकारी

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी- ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने की शपथ के साथ बुधवार को जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का समापन हुआ। बस स्टैंड स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मेलन में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी) के नियमों, प्रावधानों और प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया से जनप्रतिनिधियों को विस्तार से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां वीणापाणी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ विधायक बड़वारा धीरेंद्र बहादुर सिंह और भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी ने किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अजय गोटिया, कविता पंकज राय, प्रेमलाल केवट, जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, जनपद पंचायत बहोरीबंद अध्यक्ष लालकमल बंसल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि ग्रामों का विकास प्लान तैयार करते समय जल संरक्षण, जल संवर्धन और वृक्षारोपण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे एक अच्छे जनसेवक की भूमिका निभाते हुए सामुदायिक सहभागिता, दूरगामी सोच और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर निर्माण एवं विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार करें।

वास्तविक जरूरतों के अनुसार बने विकास योजना

जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यों, सरपंचों और पंचों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए बताया कि वीबी-जी राम जी अधिनियम 1 जुलाई 2026 से प्रभावशील है। उन्होंने अधिनियम के उद्देश्यों, प्रमुख अवधारणाओं, नियमों, प्रावधानों और क्रियान्वयन प्रक्रिया की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि ग्राम की वास्तविक आवश्यकताओं तथा उपलब्ध साधन और संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विकास योजना तैयार की जाए। कार्यों के दौरान आने वाली समस्याओं और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए। ग्राम पंचायत लखापतेरी, मड़ई सहित अन्य पंचायतों के सरपंचों द्वारा पूछे गए प्रश्नों और जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया। वीडियो फिल्म के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई।

जिला पंचायत के वरिष्ठ सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय गोटिया ने योजना से होने वाले लाभों की जानकारी दी। जिला पंचायत सदस्य कविता पंकज राय ने भी अपने विचार रखे। जनपद पंचायत बहोरीबंद अध्यक्ष लालकमल बंसल ने मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन के दौरान आने वाली कठिनाइयों से अवगत कराया।

पांच स्तंभों और एकीकृत विकास दृष्टिकोण पर चर्चा

परियोजना अधिकारी ऋषिराज चढ़ार ने वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत ग्राम विकास के एकीकृत दृष्टिकोण, योजना के लाभ और पांच स्तंभों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य ने नल-जल योजनाओं के संचालन एवं संधारण के लिए तकनीकी स्वीकृति संबंधी जानकारी दी। सहायक यंत्री अभिषेक त्रिपाठी ने नल-जल योजना के संचालन एवं संधारण नियमों से अवगत कराया।

आरजीएसए के जिला प्रबंधक पंकज नामदेव ने ओएसआर के संबंध में शासन के निर्देशों पर प्रकाश डाला। अंत में ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन एपीओ अजीत सिंह ने किया, जबकि लेखा अधिकारी सुरभित अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन किया।

इनकी रही मौजूदगी

सम्मेलन में सभी जनपद पंचायतों के जनपद सदस्य, सरपंच, पंच, ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक सहित जनपद पंचायत बड़वारा की सीईओ सुश्री प्रभा तेकाम, परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, लेखाधिकारी सुरभित अग्रवाल, सहायक परियोजना अधिकारी मृगेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अधिकारी योगेंद्र कुमार असाटी, धनराज चौधरी, जग्गी पटेल, जी किस्पोट्टा, नरेश राठौर, उमेश सोनी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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