मध्यप्रदेश

जहरीली शराब से सागर में हाहाकार, मौतों का आंकड़ा 14 पहुंचा, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बोले आरोपी कोई भी हो नहीं बकसे जाएंगे, प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जांच कमेटी की गठित

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

सागर- सागर जिले के बंडा क्षेत्र में मिलावटी शराब पीने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 14 लोगों की मौत की सूचना सामने आई है, जबकि कई प्रभावितों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अस्पताल पहुंचकर प्रभावित मरीजों का हाल जाना और उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से प्रभावित गांवों में शराब पीने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कराने की अपील भी की जा रही है, ताकि समय रहते संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके।

यूपी के रैकेट से सप्लाई का खुलासा, जांच कमेटी गठित

अब तक की जांच में मिलावटी शराब की सप्लाई में उत्तर प्रदेश से जुड़े एक रैकेट की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सागर जिले के प्रभारी मंत्री को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी गई है।

मामले में कई प्रतिष्ठित लोगों के शामिल होने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही उनकी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

कांग्रेस का सरकार पर हमला-‘संरक्षण में चल रहा अवैध शराब कारोबार’

शराब कांड को लेकर विपक्ष ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने बंडा ब्लॉक के गूगरा खुर्द, नौराज़, बैराज सहित अन्य गांवों में जहरीली शराब से हुई मौतों पर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 35 से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। अरुण यादव ने आरोप लगाया कि यह सरकार के संरक्षण में चल रहे अवैध शराब कारोबार का परिणाम है और पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच की मांग की।

वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि उन्होंने पहले भी सागर में अवैध शराब बिक्री को कथित सरकारी संरक्षण दिए जाने को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने शराब के इस नेटवर्क पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

प्रशासन अलर्ट, जांच के साथ बढ़ाई जा रही निगरानी

सागर शराब कांड के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की स्क्रीनिंग, अस्पतालों में उपचार व्यवस्था और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच पर जोर दिया जा रहा है। अब निगाहें जांच कमेटी की रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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