मध्यप्रदेश

पुलिस स्मृति दिवस: CM मोहन यादव ने MP पुलिस के 9 शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, पुलिस बल की विभिन्न टुकड़ियों ने परेड में लिया हिस्सा

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले मध्य प्रदेश पुलिस के 9 शहीद अधिकारी-कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी और पुलिस बल के जवान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। पुलिस बैंड की देशभक्ति धुनों के बीच आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जिला पुलिस बल और विशेष सशस्त्र बल की महिला एवं पुरुष प्लाटून ने भाग लिया। इसके अलावा होमगार्ड, पाल-बेयरर पार्टी, कलर पार्टी, पुलिस बैंड, अश्वारोही दल और श्वान दल की टुकड़ियां भी शामिल हुईं।

मध्य प्रदेश पुलिस के 9 शहीदों को किया याद

इस वर्ष कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले मध्य प्रदेश पुलिस के 9 अधिकारी-कर्मचारियों को कार्यक्रम में श्रद्धांजलि दी गई। इनमें निरीक्षक आशीष शर्मा, उप निरीक्षक अशोक शर्मा, सहायक उप निरीक्षक मदनलाल निनामा, प्रधान आरक्षक परिमाल सिंह तोमर और ओम प्रकाश भवेदी शामिल हैं। इनके साथ सर्जन सिंह भील, महिला आरक्षक आरती पाल, आरक्षक महेश प्रसाद पाठक और आरक्षक विकास चतुर्वेदी के बलिदान को भी याद किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से शहीद पुलिसकर्मियों के योगदान को स्मरण करते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बल की भूमिका को रेखांकित किया गया।

21 अक्टूबर को मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस

पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसकी पृष्ठभूमि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हुई उस घटना से जुड़ी है, जिसमें चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवान शहीद हुए थे।

इसी घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाकर देशभर में कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। यह दिवस पुलिस बल के साहस, समर्पण और जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को याद करने का अवसर है।

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