कटनी/ढीमरखेड़ा- आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत आज शुक्रवार, 30 अक्टूबर को जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में दो क्लस्टरों की कुल 23 ग्राम पंचायतों के नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंच सकेंगे। प्रशासन का लक्ष्य शिकायतों को केवल दर्ज करना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत जिले में 7 अगस्त से शुरू हुई इस पहल के माध्यम से प्रत्येक शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा मैदानी भ्रमण कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के दशरमन क्लस्टर की 12 पंचायतों तथा ढीमरखेड़ा क्लस्टर की 11 पंचायतों के लिए जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में शिविर लगाया जा रहा है।
दशरमन क्लस्टर के अंतर्गत दशरमन, गोपालपुर, मुरवारी, खाम्हा, अन्तर्वेद, परसेल, सनकुई, देवरी बिछिया, लालपुर, बरही, पिपरिया शुक्ल और घुघरा-घुघरी सहित संबंधित पंचायतों के नागरिक शिविर में अपनी समस्याएं रख सकेंगे। वहीं ढीमरखेड़ा क्लस्टर की ढीमरखेड़ा, बरेलीरामपुर, झिन्नापिपरिया, पिंडरई, बांध, सिमरिया, ठिरी, खंदवारा, सगौना, पोड़ीखुर्द और पोड़ीकलां पंचायतों के ग्रामीणों को भी इस शिविर के माध्यम से प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
लंबित शिकायतों पर कलेक्टर की सख्ती
कलेक्टर ने अभियान के तहत सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी अधिनियम से जुड़े लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि अधिकतम शिकायतों का समाधान शिविर से पहले ही कर लिया जाए, ताकि शेष प्रकरणों का निराकरण शिविर स्थल पर ही किया जा सके।
जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं होगा, उनमें संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निराकरण की समयसीमा सुनिश्चित करनी होगी।
अब ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत?
इस अभियान की असली सफलता इस बात से तय होगी कि ग्रामीणों की शिकायतों का मौके पर कितना प्रभावी समाधान हो पाता है। शिविर में विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी और लंबित मामलों पर जवाबदेही तय होने से ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि जनविश्वास अभियान का यह शिविर कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है या वास्तव में आमजन की समस्याओं के समाधान का माध्यम बनता है।