Blogमध्यप्रदेश

इंदौर-बैतूल हाईवे पर चेकिंग के दौरान अवैध शराब तस्करी ट्रक ड्राईवर ने डिवाइडर पर चढ़ाकर टीआई को कुचला, ट्रक से 298 पेटी अवैध शराब बरामद, चालक वाहन छोड़कर फरार

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल/देवास- मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान एक दर्दनाक हादसे में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत हो गई। इंदौर-बैतूल हाईवे पर पुलिस टीम के साथ वाहन चेकिंग कर रहे टीआई पुरी को शराब तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे आयशर वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। ड्यूटी के दौरान हुई इस घटना ने एक बार फिर अवैध कारोबार में लिप्त लोगों की बेखौफ कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को अवैध शराब से भरे वाहन के हरदा की ओर से खातेगांव आने की सूचना मिली थी। इसके बाद थाना प्रभारी दिलीप पुरी पुलिस टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे पर चेकिंग के लिए पहुंचे। इसी दौरान संदिग्ध आयशर वाहन को रोककर चालक से नीचे उतरने के लिए कहा गया। आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे डिवाइडर पर चढ़ा दिया और आगे बढ़ा दिया। इस दौरान वाहन की चपेट में आने से टीआई पुरी गंभीर रूप से घायल हो गए।

दो घंटे तक चला उपचार, नहीं बच सकी जान

हादसे के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने करीब दो घंटे तक सीपीआर और अन्य उपचार किए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही देवास एसपी आदित्य मिश्रा और कलेक्टर नेहा मीणा मौके पर पहुंचे। एसपी रात करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली।

ट्रक में छिपाकर रखी थीं 298 पेटी शराब

हादसे के बाद आरोपी चालक संदलपुर के पास वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें से करीब 298 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। आबकारी उपनिरीक्षक पूजा गेहलोत के अनुसार, मिनी ट्रक में विशेष कम्पार्टमेंट बनाकर शराब छिपाई गई थी। ऊपर से देखने पर वाहन खाली दिखाई देता था, जबकि अंदर बड़ी मात्रा में शराब रखी हुई थी। शराब को टिमरनी क्षेत्र से खातेगांव की ओर लाया जा रहा था। वाहन के पास कोई वैध परमिट भी नहीं मिला। सूचना के आधार पर टिमरनी, हरदा और नेमावर पुलिस भी वाहन का पीछा कर रही थी। पुलिस अब फरार चालक की तलाश और पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी है।

शिक्षक से बने थे पुलिस अधिकारी, परिवार में पसरा मातम

थाना प्रभारी दिलीप पुरी मूल रूप से धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बरमंडल गांव के निवासी थे। पुलिस सेवा में आने से पहले वे शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी कांग्रेस नेता हैं और मंडलम अध्यक्ष रह चुके हैं। उनका परिवार फिलहाल इंदौर में रहता है, जबकि माता-पिता बरमंडल में निवास करते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पैतृक गांव में शोक का माहौल है। करीब दो महीने पहले ही उनका स्थानांतरण सतवास थाने से खातेगांव थाने में हुआ था।

राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद थाना प्रभारी के पार्थिव शरीर को खातेगांव थाने लाया जाएगा, जहां पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद उनके पैतृक गांव बरमंडल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। कर्तव्य निर्वहन के दौरान जान गंवाने वाले थाना प्रभारी दिलीप पुरी के निधन से पुलिस विभाग सहित क्षेत्र में शोक व्याप्त है।

Related Articles

Back to top button