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मध्यप्रदेश में माफिया बेखौफ, सागर में जहरीली शराब से मौतों के बाद देवास में TI दिलीप पुरी की मौत पर कांग्रेस ने DGP से उठाए सवाल, पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी

भोपाल- मध्यप्रदेश में अवैध शराब के कारोबार और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अमित चौरसिया ने पुलिस महानिदेशक (DGP) से तीखे सवाल किए हैं। उन्होंने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों और देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करी के वाहन की चपेट में आने से थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
चौरसिया ने कहा कि प्रदेश में अवैध शराब माफिया के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए हैं कि एक ओर जहरीली शराब से लोगों की जान जा रही है, तो दूसरी ओर कर्तव्य निभाते हुए पुलिस अधिकारी अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस महकमे में माफियाओं के साथ सांठगांठ और सत्ताधारी भाजपा की चाटुकारिता का माहौल बन गया है, जिसके बीच ईमानदार अधिकारी और जवान असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस विभाग की जिम्मेदारी केवल सरकार के प्रति जवाबदेह रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की जनता और कानून व्यवस्था की सुरक्षा करना भी उसका दायित्व है। उन्होंने DGP से पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
चौरसिया ने कहा कि पुलिस महानिदेशक को अपनी वर्दी पहनते समय ली गई कर्तव्यनिष्ठा की शपथ का सम्मान करते हुए अवैध शराब माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। साथ ही पुलिस विभाग को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त कर ईमानदार अधिकारियों और जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।




