मध्यप्रदेश

देवास के खातेगांव में शराब तस्करों के ट्रक की चपेट में आने वाले टीआई दिलीप पुरी की पत्नी को मिलेगी SI पद पर अनुकंपा नियुक्ति, परिवार को मिलेगी 1 करोड़ की आर्थिक सहायता

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी

देवास/खातेगांव- शराब तस्करी रोकने के दौरान कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले खातेगांव थाना प्रभारी टीआई दिलीप पुरी के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके गृह ग्राम बरमंड में मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग उन्हें एक होनहार, मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में याद कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिलीप पुरी ने जहां भी अपनी सेवाएं दीं, पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जिम्मेदारियां निभाईं। उनके असामयिक निधन से पुलिस विभाग और समाज को बड़ी क्षति हुई है।

गांव के निवासी मोहन लाल ने बताया कि दिलीप पुरी का जन्म ग्राम बरमंड में हुआ था। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा भी गांव में ही पूरी की। इसके बाद हायर सेकेंडरी और उच्च शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 2007 में उनका चयन पुलिस विभाग में हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने स्कूल में बच्चों को पढ़ाने का काम भी किया था। उनके निधन की खबर से गांव में हर कोई स्तब्ध है।

शराब माफिया के हौसलों पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

ग्रामीणों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रदेश में शराब माफिया किस तरह बेखौफ होकर काम कर रहे हैं, यह घटना उसका चिंताजनक उदाहरण है। लोगों का कहना है कि जब कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, अवैध शराब तस्करी की सूचना पर टीआई दिलीप पुरी पुलिस टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आयशर वाहन के चालक को नीचे उतरने के लिए कहा। आरोप है कि चालक ने वाहन को डिवाइडर पर चढ़ाते हुए आगे बढ़ा दिया, जिसकी चपेट में आने से टीआई दिलीप पुरी की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर मौके पर पहुंचे। पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। खातेगांव थाने में श्रद्धांजलि सभा आयोजित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, परिवार को एक करोड़ की सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीआई दिलीप पुरी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी का दिवंगत होना अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर रवाना करने तथा निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने दिवंगत टीआई की धर्मपत्नी को उप निरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने और परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश भी दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री बोले- किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि टीआई दिलीप पुरी ने पूर्ण निष्ठा, बहादुरी और समर्पण के साथ पुलिस सेवा में अपना कर्तव्य निभाया। उन्होंने दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार और पुलिस विभाग के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने देवास कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से घटना के संबंध में चर्चा की है। मामले के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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