मध्यप्रदेशराजनीति

भाजपा के उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के सामने कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी ने ठोकी ताल, नामांकन के साथ मध्यप्रदेश की एक सीट पर मुकाबला हुआ दिलचस्प

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल- मध्यप्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव का सियासी मुकाबला अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अब कांग्रेस ने भी चुनावी मैदान में अपनी रणनीतिक चाल चल दी है। कांग्रेस ने निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी को समर्थन देकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। सोमवार को लोहानी ने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील भी उनके साथ मौजूद रहे।

राजकुमार लोहानी भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका जन्म वर्ष 1959 में भोपाल में हुआ था। वे लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और अब तक किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं रहे। कांग्रेस ने उन्हें समर्थन देकर भाजपा के उम्मीदवार के सामने चुनौती पेश करने की कोशिश की है। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने उनके साथ विधानसभा पहुंचकर नामांकन प्रक्रिया पूरी कराई।

हरदीप सिंह पुरी को भाजपा ने बनाया है उम्मीदवार

मध्यप्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। मुरुगन का राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। उनके इस्तीफे के बाद भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। अब कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी के मैदान में आने से चुनावी मुकाबले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।

पहले भी दो उम्मीदवारों ने पेश की दावेदारी

इस उपचुनाव में हरदीप सिंह पुरी के अलावा अन्य उम्मीदवारों ने भी अपनी दावेदारी पेश की है। बैतूल जिले के अतिथि शिक्षक हरिपाल बिहारे ने नामांकन पत्र खरीदा था, जबकि हैदराबाद के समाजसेवी कांते सैयान्ना ने भोपाल पहुंचकर नामांकन दाखिल किया था। अब राजकुमार लोहानी के नामांकन और कांग्रेस के समर्थन के बाद चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या बढ़ गई है।

विधानसभा में भाजपा का संख्याबल मजबूत

राज्यसभा उपचुनाव में अंतिम नतीजा विधानसभा के संख्याबल और विधायकों के मतदान पर निर्भर करेगा। भाजपा के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है, ऐसे में हरदीप सिंह पुरी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। हालांकि कांग्रेस द्वारा निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दिए जाने से चुनावी मुकाबले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजरें नामांकन प्रक्रिया और मतदान के दिन होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हैं।

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