मध्यप्रदेश

नरवाई प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन, सहलावन पिपरिया में हार्वेस्टर जब्त; कटनी जिले की पहली FIR

जनलोक टाइम्स से सोनू त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी/उमरियापान- कटनी जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने और पराली प्रबंधन के नियमों का पालन सुनिश्चित करने प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में उमरियापान पुलिस ने बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) के धान की कटाई कर रहे एक हार्वेस्टर को जब्त करते हुए उसके चालक और मालिक के खिलाफ जिले की पहली एफआईआर दर्ज की है। दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

मुखबिर की सूचना पर खेत में पहुंची पुलिस

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम सहलावन पिपरिया में बिना एसएमएस के हार्वेस्टर से धान की कटाई की जा रही है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां सुनील कोल के खेत में हरे रंग के हार्वेस्टर क्रमांक एमपी-04-डब्ल्यूए-8442 से धान की कटाई होते मिली। जांच के दौरान हार्वेस्टर में न तो स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) लगा था और न ही बेलर पाया गया।

चालक और मालिक दोनों पर कार्रवाई

पुलिस की पूछताछ में हार्वेस्टर चालक शेख हलीम (36), निवासी ग्राम अल्ली, जिला रायसेन ने वाहन में एसएमएस नहीं होने की बात स्वीकार की। उसने हार्वेस्टर का मालिक जितेन्द्र कुमार, निवासी रायसेन को बताया। इसके बाद पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में हार्वेस्टर जब्त कर उमरियापान थाना परिसर में सुरक्षार्थ खड़ा कराया। प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर चालक और वाहन मालिक दोनों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

14 अक्टूबर से नरवाई जलाने पर प्रतिबंध

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर आशीष तिवारी ने 14 अक्टूबर को जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया था। आदेश के तहत बिना स्ट्रॉ रीपर अथवा स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) के हार्वेस्टर से फसल कटाई करने पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य फसल अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान को रोकना है।

किसानों और हार्वेस्टर मालिकों को चेतावनी

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि पराली को जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करें और रबी फसलों की बोनी के लिए पर्यावरण अनुकूल तरीके अपनाएं। वहीं हार्वेस्टर मालिकों को निर्देशित किया गया है कि वे स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम का अनिवार्य रूप से उपयोग करते हुए ही फसल कटाई करें। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में नरवाई प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त संदेश माना जा रहा है।

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