Blogप्रशासनमध्यप्रदेश

छात्रावास पहुंचीं जिला पंचायत सीईओ, शिक्षिका बन पढ़ाया अनुशासन का पाठ; बच्चों से शैक्षिक संवाद कर बढ़ाया हौसला,मयंक ने सुनाया 17 का पहाड़ा, अंश ने अंग्रेजी में दिया परिचय; सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने थपथपाई पीठ, व्यवस्थाओं व संसाधनों का लिया जायजा

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी- “मुझे आप जैसा बनना है…” एक मासूम छात्र के इस सवाल में छिपे सपनों और आत्मविश्वास को महसूस करते हुए जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने बच्चों को सफलता का मूलमंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में बड़े सपने देखिए और उन्हें साकार करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़िए। सफलता पाने का कोई शॉर्टकट नहीं होता, निरंतर परिश्रम ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास, रॉबर्ट लाइन कटनी पहुंचीं। यहां उन्होंने कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के साथ आत्मीय और रोचक शैक्षिक संवाद किया। गौरतलब है कि कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर जिले के छात्रावासों की व्यवस्थाओं और शैक्षिक गतिविधियों को बेहतर एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है।

शिक्षिका बनकर पढ़ाया अनुशासन और मेहनत का पाठ

छात्रों से संवाद के दौरान सुश्री कौर ने पूछा कि वे पढ़-लिखकर भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस पर किसी ने सेना में जाने, किसी ने पुलिस अधिकारी बनने तो किसी ने डॉक्टर, इंजीनियर और बड़े प्रशासनिक पदों पर पहुंचने की इच्छा जताई।

बच्चों के सपनों को प्रोत्साहित करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि आज से ही अपना लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए अनुशासित होकर मेहनत करें। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

इस दौरान सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए बच्चों से पहाड़े, गिनती, गणित और अंग्रेजी विषय से जुड़े प्रश्न पूछे। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में रुचि, समझ और अध्यापन कार्य के संबंध में जानकारी लेते हुए अपने अनुभव भी साझा किए।

कक्षा तीसरी के छात्र मयंक ने धाराप्रवाह 17 का पहाड़ा सुनाकर सभी को प्रभावित किया, वहीं कक्षा पांचवीं के छात्र अंश पटेल ने अंग्रेजी में आत्मविश्वास के साथ अपना परिचय दिया। दोनों बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रसन्न होकर सुश्री कौर ने उन्हें अपने पास बुलाया, पीठ थपथपाकर शाबाशी दी और उनका हौसला बढ़ाया।

उन्होंने कक्षा तीसरी, चौथी, पांचवीं, सातवीं और आठवीं के छात्र धरण सिंह, अगस्त सिंह, नितिन सिंह, अंश, प्रिंस, सत्यम और राजकुमार पटेल से भी विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए, जिसकी जिला पंचायत सीईओ ने मुक्तकंठ से सराहना की।

बच्चों की रुचि के अनुसार दें परिणाममूलक शिक्षा
जिला पंचायत सीईओ ने शिक्षकों से चर्चा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को उनकी रुचि और समझ के अनुरूप खेल-खेल में शिक्षा दी जाए, ताकि बच्चों का पढ़ाई के प्रति आकर्षण बढ़े और वे विषयों को सहजता से समझ सकें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा परिणाममूलक होनी चाहिए और अध्यापन का तरीका ऐसा हो, जो बच्चों के मन-मस्तिष्क पर प्रभावी ढंग से अंकित हो जाए। बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति गंभीरता विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

छात्रावास की व्यवस्थाओं की माइक्रो लेवल पर की जांच

शैक्षिक संवाद के बाद जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर ने छात्रावास में उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं की माइक्रो लेवल पर निगरानी की। उन्होंने कक्षाओं, रसोईघर, भंडार गृह, आवासीय परिसर और शौचालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की परख की और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता की भी जानकारी ली। छात्रावास परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए उन्होंने वार्डन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
सुश्री कौर ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों के खान-पान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और छात्रावास की सुचारु व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वार्डन से छात्रावास में संचालित गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने और शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीपीसी श्री प्रेम नारायण तिवारी, एपीसी सुश्री प्रीति सिंह, वार्डन सुश्री प्रेमलता पटेल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button