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पुलिस शहीद स्मृति दिवस पर जबलपुर में 154 शहीद जवानों को किया गया नमन, एडीजी प्रमोद वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने अर्पित किए पुष्पचक्र, शहीदों के परिजनों का किया सम्मान

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

जबलपुर- 6वीं प्रशिक्षण वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल (विसबल), जबलपुर में बुधवार को 67वां पुलिस शहीद स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित शहीद स्मृति परेड में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन प्रमोद वर्मा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। समारोह में देशभर के 154 शहीद पुलिसकर्मियों को याद किया गया। इनमें वर्ष 2025-26 में शहीद हुए मध्यप्रदेश पुलिस के नौ जवान भी शामिल रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीजी प्रमोद वर्मा के आगमन पर 6वीं वाहिनी और जिला पुलिस बल के प्लाटूनों ने सलामी दी। इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक जबलपुर रेंज अतुल सिंह, पुलिस अधीक्षक जबलपुर संपत उपाध्याय और 6वीं वाहिनी के सेनानी सिद्धार्थ चौधरी ने भी शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को नमन किया।

एडीजी प्रमोद वर्मा ने शहीद हुए मध्यप्रदेश पुलिस के नौ जवानों के नामों का वाचन किया और देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए 154 पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस शहीद स्मृति दिवस उन जवानों को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर चलते हुए राष्ट्र की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका बलिदान पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य को देशसेवा और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। इस दौरान शहीद जवानों के परिजनों को श्रीफल और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

1959 की घटना से जुड़ा है दिवस का इतिहास

पुलिस शहीद स्मृति दिवस का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से जुड़ा है, जब पूर्वी लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में गश्त कर रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक दल पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 10 जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। इन जवानों की स्मृति में जनवरी 1960 में दिल्ली में आयोजित पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस शहीद स्मृति दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। तभी से इस दिन देश की सुरक्षा और सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

समारोह में विभिन्न पुलिस अधिकारी, व्हीकल फैक्ट्री, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, गन कैरिज फैक्ट्री और सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो के अधिकारी तथा 6वीं वाहिनी के पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

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