मध्यप्रदेश

पिण्डरई की सड़क बनी मुसीबत, अधूरी नाली ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी, सड़कों पर भरते पानी और गड्ढों के बीच जोखिम भरा सफर, ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से निर्माण पूरा कराने की लगाई गुहार

जनलोक टाईम्स से सोनू त्रिपाठी की रिपोर्ट

ढीमरखेड़ा- जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के ग्राम पंचायत पिण्डरई में अधूरे सड़क एवं नाली निर्माण ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव के भीतर बदहाल सड़क, जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और जलनिकासी की व्यवस्था अधूरी होने से ग्रामीणों को रोजाना जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में सड़क पर जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार ढीमरखेड़ा से विरासन पाली मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया गया था। यह मार्ग ग्राम पिण्डरई के बीच से होकर गुजरता है, लेकिन मुख्य मार्ग का निर्माण होने के बावजूद गांव की सीमा के अंदर सड़क और पक्की नाली का काम अधूरा छोड़ दिया गया। नतीजतन गांव में जलनिकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है और बारिश का पानी सड़कों पर जमा होकर लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।

गड्ढों और झाड़ियों के बीच गुजरना मजबूरी

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं। वहीं सड़क के दोनों ओर उगी घनी झाड़ियों के कारण रास्ता संकरा हो गया है। ऐसे में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के आवागमन के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और पैदल आने-जाने वाले ग्रामीणों को उठानी पड़ती है।

जनसुनवाई में उठाई आवाज, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में मांग की है कि पिण्डरई में अधूरे पड़े सड़क एवं पक्की नाली निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा कराया जाए। साथ ही जर्जर सड़क की मरम्मत और डामरीकरण कराने के साथ मार्ग के दोनों ओर उगी झाड़ियों की सफाई भी कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

अब सवाल यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग कब तक कदम उठाता है। जनसुनवाई में शिकायत पहुंचने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेकर मौके की जांच कराएगा और अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराने की दिशा में कार्रवाई करेगा।

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