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फर्जी IAS का इंदौर में पर्दाफाश: घर पर लगा रखी थी ‘District Collector’ की नेम प्लेट मैट्रिमोनियल साइट्स पर 21 महिलाओं से अधिकारी बनकर संपर्क, होटल को भी दिखाया रौब, पुलिस ने दबोचा

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

इंदौर- खुद को IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बताकर रौब झाड़ने वाले 28 वर्षीय हिमांशु पांचाल को लसूड़िया पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ओमेक्स सिटी-1 में किराए के मकान में रहता था और उसने अपने घर के बाहर फर्जी नेम प्लेट लगा रखी थी। पुलिस की पूछताछ में वह IAS अधिकारी होने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पूछताछ में खुली फर्जी पहचान की पोल

पुलिस के अनुसार, सख्ती से पूछताछ किए जाने पर आरोपी ने अपनी वास्तविक पहचान हिमांशु पांचाल के रूप में बताई। उसके मकान की तलाशी में फर्जी IAS नेम प्लेट, फोटो फ्रेम और कलेक्टर पद से जुड़ी अन्य भ्रामक सामग्री बरामद की गई है।

मैट्रिमोनियल साइट्स पर भी बना रखा था फर्जी IAS प्रोफाइल

जांच में आरोपी की गतिविधियों का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, उसने कई ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स पर खुद को IAS अधिकारी बताते हुए फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी। अब तक करीब 21 महिलाओं से अधिकारी बनकर संपर्क करने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन महिलाओं से संपर्क और आरोपी के साथ उनकी बातचीत की भी पड़ताल कर रही है।

होटल कनेक्शन से खुला शक का रास्ता

जांच के दौरान इंदौर के शेरटन होटल से जुड़ा मामला भी सामने आया। बताया गया कि आरोपी ने होटल प्रबंधन को अधिकारी के तौर पर पत्र दिया था, जिसमें होटल के मेन्यू और व्यवस्थाओं की तारीफ की गई थी। इसी दौरान भुगतान से जुड़े मामले में उसकी पहचान पर संदेह हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो फर्जी IAS होने का मामला सामने आया।

गुजरात में भी दर्ज है मामला

पुलिस को आशंका है कि आरोपी इससे पहले भी अन्य होटलों और संस्थानों में अधिकारी बनकर संपर्क कर चुका है। उसके पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मई 2026 में गुजरात के अडालज थाने में भी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

अब पुलिस खंगाल रही फर्जी अफसर की पूरी ‘कुंडली’

लसूड़िया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 204 BNS के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। अब जांच का दायरा मैट्रिमोनियल साइट्स पर बनाई गई फर्जी प्रोफाइल, 21 महिलाओं से संपर्क, होटल कनेक्शन, फर्जी दस्तावेज/सामग्री और अधिकारी बनकर की गई अन्य गतिविधियों तक बढ़ाया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने फर्जी IAS पहचान का इस्तेमाल सिर्फ रौब झाड़ने के लिए किया या इसके पीछे कोई बड़ा मकसद भी था।

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