फायर टैक्स की भी तैयारी: प्रॉपर्टी टैक्स के साथ सरचार्ज वसूलेंगे नगरीय निकाय, दरें सरकार करेगी तय
भोपाल- मध्यप्रदेश में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से नया फायर एक्ट लागू कर दिया गया है।नए कानून में दमकल सेवाओं की जवाबदेही तय करने के साथ-साथ फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन संचालकों, लापरवाही से आग लगने पर जिम्मेदार व्यक्तियों और झूठी सूचना देकर दमकल विभाग को गुमराह करने वालों के खिलाफ कड़े प्रावधान किए गए हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स के साथ लगेगा फायर सरचार्ज
नए अधिनियम के तहत नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषद जैसे नगरीय निकायों को संपत्ति कर के साथ फायर टैक्स सरचार्ज वसूलने का कानूनी अधिकार दिया गया है। इसकी दरें राज्य सरकार निर्धारित करेगी। इससे प्राप्त राशि का इस्तेमाल अग्निशमन सेवाओं के बुनियादी ढांचे, संसाधनों और व्यवस्थाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।
लापरवाह दमकलकर्मी भी कार्रवाई के दायरे में
ड्यूटी के दौरान बिना उचित कारण काम छोड़ने या लापरवाही बरतने वाले दमकल कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में तीन महीने तक की जेल, तीन महीने की वेतन कटौती या दोनों का प्रावधान किया गया है।
लापरवाही से आग लगी तो नुकसान की भरपाई
यदि किसी व्यक्ति की लापरवाही के कारण आग लगती है और उससे पड़ोसी या अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचता है, तो जिम्मेदार व्यक्ति को नुकसान की भरपाई करनी होगी। पीड़ित व्यक्ति 30 दिन के भीतर सक्षम अधिकारी के समक्ष दावा प्रस्तुत कर सकेंगे। दावे का निस्तारण 90 दिन के भीतर किया जाएगा और आदेश को सिविल कोर्ट की डिक्री के समान प्रभावी माना जाएगा।
फर्जी फायर कॉल पर ₹20 हजार तक जुर्माना
फायर ब्रिगेड को गुमराह करने या झूठी सूचना देकर फॉल्स अलार्म देने वालों पर ₹20 हजार तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसका उद्देश्य फायर ब्रिगेड के संसाधनों और समय के दुरुपयोग को रोकना है।
15 मीटर से ऊंची इमारतों में फायर सेफ्टी अनिवार्य
15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली आवासीय इमारतों के साथ-साथ स्कूल, अस्पताल, मॉल और फैक्ट्रियों के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। फायर एनओसी के बिना नगरीय निकाय संबंधित भवन को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी नहीं कर सकेंगे।
फायर सेफ्टी सुपरवाइजर रखना होगा
बहुमंजिला इमारतों, अस्पतालों और व्यावसायिक परिसरों में प्रशिक्षित फायर सेफ्टी सुपरवाइजर की नियुक्ति जरूरी होगी। निर्धारित अवधि में नियुक्ति नहीं करने पर प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से पेनाल्टी तथा इसके बाद रोजाना अतिरिक्त जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
थर्ड पार्टी एजेंसियों से होगा सेफ्टी ऑडिट
सरकार मान्यता प्राप्त निजी एजेंसियों को लाइसेंस जारी करेगी। ये एजेंसियां भवनों के फायर प्लान, फायर सेफ्टी ऑडिट और सर्टिफिकेशन का काम कर सकेंगी। इससे फायर सेफ्टी व्यवस्था की स्वतंत्र जांच और निगरानी को बढ़ावा मिलेगा।
पंडालों के लिए भी सुरक्षा नियम सख्त
शादी-ब्याह, राजनीतिक और धार्मिक आयोजनों में लगाए जाने वाले पंडालों को सेल्फ-रेगुलेटरी श्रेणी में रखा गया है। आयोजकों को अग्निरोधी कपड़े का इस्तेमाल और पर्याप्त चौड़े निकास द्वार सुनिश्चित करने होंगे।
10 मिनट में दमकल पहुंचाने का लक्ष्य
नए कानून के साथ राज्य में दमकल सेवाओं को तेज करने पर भी जोर दिया गया है। आपात स्थिति में दमकल वाहनों के रिस्पॉन्स टाइम को 10 मिनट तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आग लगने की शुरुआती अवस्था में ही बचाव और नियंत्रण की कार्रवाई तेज हो सकेगी।