मध्यप्रदेश

भोपाल महापौर की कार में आग लगाने की कोशिश से निगम मुख्यालय में हड़कंप, नियमितीकरण की मांग को लेकर पहुंचे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी पर आरोप, कागजों से भरी पॉलीथिन कार की छत पर रखकर लगाई आग, कर्मचारी का हाथ भी झुलसा

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल- नगर निगम मुख्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब भोपाल महापौर मालती राय की कार में आग लगाने की कोशिश का मामला सामने आया। पार्किंग में खड़ी महापौर की कार की छत पर कागजों से भरी पॉलीथिन रखकर कथित तौर पर आग लगा दी गई। कार से लपटें उठती देख निगम कर्मचारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझाने के दौरान एक कर्मचारी का हाथ भी झुलस गया।

बताया जा रहा है कि घटना के समय महापौर मालती राय प्रथम तल स्थित अपने कार्यालय में मौजूद थीं। निगम कर्मचारियों के अनुसार, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सुनील रैकवार अपनी मांगों को लेकर निगम मुख्यालय पहुंचा था। वह दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर नाराज बताया जा रहा है। सुनील रैकवार सम्राट अशोक कर्मचारी संगठन का अध्यक्ष भी बताया गया है।

नारेबाजी के बाद कार में आग लगाने का आरोप

आरोप है कि हंगामे के दौरान कर्मचारी ने कागजों से भरी पॉलीथिन महापौर की कार की छत पर रखी और उसमें आग लगा दी। इसके बाद मंत्री और महापौर के विरोध में नारेबाजी किए जाने की बात भी सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया।

कर्मचारियों की तत्परता से टला बड़ा नुकसान

कार के ऊपर आग की लपटें उठते ही आसपास मौजूद कर्मचारी दौड़कर पहुंचे और आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से कार के अन्य हिस्सों तक आग नहीं पहुंच सकी। यदि कुछ देर और आग नहीं बुझती तो बड़ा नुकसान हो सकता था।

नियमितीकरण समेत कई मांगों को लेकर आक्रोश

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 29 दिवस वाले कर्मचारियों को स्थायी करना, आठवां वेतनमान लागू करना और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की सुविधा देना शामिल बताया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर लंबे समय से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा निगम में कार्यरत कर्मचारियों को कथित दलालों से मुक्त कराने की मांग भी उठाई जाती रही है।

एफआईआर के निर्देश, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना के बाद नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस निगम मुख्यालय की पार्किंग में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। घटना के बाद महापौर की कार को उसके निर्धारित पार्किंग स्थान से हटाकर दूसरी जगह खड़ा कर दिया गया। महापौर ने घटना को लेकर मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।

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