जबलपुर- भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने वाणिज्यिक कर विभाग में पदस्थ अधिकारी मनीष कुमार जैन के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में उनकी ज्ञात आय की तुलना में संपत्ति और व्यय का बड़ा अंतर सामने आया है। लोकायुक्त के अनुसार, अधिकारी की कुल आय 1 करोड़ 3 लाख 73 हजार 317 रुपये आंकी गई, जबकि इसके विरुद्ध 3 करोड़ 78 लाख 25 हजार 707 रुपये का व्यय पाया गया। इस आधार पर 2 करोड़ 74 लाख 52 हजार 390 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का आकलन किया गया है, जो ज्ञात आय का लगभग 264.64 प्रतिशत है।
सुबह छह बजे रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी में दी दस्तक
लोकायुक्त पुलिस की टीम ने मंगलवार सुबह करीब 6 बजे जबलपुर के जिलहरी क्षेत्र स्थित रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी में अधिकारी के आवास पर छापा मारा। आरोपी मनीष कुमार जैन, पिता कोमलचंद जैन, वाणिज्यिक कर विभाग, कार्यालय आयुक्त जबलपुर में वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर पदस्थ बताए गए हैं। जानकारी के अनुसार, वे वर्तमान में दमोह में हैं।
शिकायत के सत्यापन के बाद दर्ज हुआ मामला
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले को मनीष कुमार जैन के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन की कार्रवाई निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया द्वारा की गई। प्रारंभिक जांच में शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाए जाने के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देशों के तहत तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
परिजनों के नाम पर भी संपत्तियों की जानकारी
लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान मनीष कुमार जैन के साथ उनकी पत्नी निधि जैन, पिता कोमलचंद जैन और माता शशि जैन के नाम पर भी कई संपत्तियों से संबंधित जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
जांच के बाद सामने आएगी संपत्तियों की पूरी तस्वीर
लोकायुक्त की कार्रवाई में अब तक सामने आए आय और व्यय के आंकड़े मामले की गंभीरता की ओर संकेत करते हैं। हालांकि, संपत्तियों के वास्तविक स्रोत, स्वामित्व और अन्य वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कार्रवाई और जांच जारी है।