प्रशासनमध्यप्रदेश

रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों पर कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, कटनी से लेकर ढीमरखेड़ा तक चलाया सघन जांच अभियान, मिठाई-खोया-दूध समेत कई खाद्य पदार्थों के लिए नमूने

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी- कटनी जिले के लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रक्षाबंधन पर्व से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम कटनी के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मिठाई, खोया, दूध, घी, पनीर सहित त्योहारी सीजन में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री की दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच कर नमूने संग्रहित कर रही है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री संजय गुप्ता ने बताया कि संग्रहित नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने पर संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मिठाई और दुग्ध उत्पादों पर विशेष नजर

अभियान के दौरान सिद्धि विनायक स्वीट्स, बरही से मगज लड्डू और मिल्क केक के नमूने लिए गए। वहीं माधवनगर के साक्षी स्वीट्स और बॉम्बे स्वीट्स से काजू कतली, कलाकंद और खोया के नमूने संग्रहित किए गए।

कटनी की खोवा मंडी स्थित महावीर खोवा भंडार और मुन्ना खोवा भंडार का भी निरीक्षण किया गया। यहां से खोया, मिल्क केक, घी, कलाकंद और पनीर के नमूने लिए गए। इसी तरह सिल्वर टॉकीज क्षेत्र स्थित गुप्ता खोया भंडार से घी, खोया और पनीर तथा महावीर दूध भंडार से घी, कुंदा पेड़ा और नारियल बर्फी के नमूने संकलित किए गए।

ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची जांच टीम

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही। बरही और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। बरही क्षेत्र में मगज लड्डू और मिल्क केक के नमूने लिए गए, जबकि ढीमरखेड़ा से रसगुल्ला और सोनपापड़ी के नमूने संग्रहित कर जांच के लिए भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए।

दुकानदारों को दिए स्वच्छता और गुणवत्ता के निर्देश

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण में स्वच्छता बनाए रखने, गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का उपयोग करने और खाद्य सामग्री के सुरक्षित रख-रखाव के निर्देश दिए। अधिकारियों ने साफ कहा कि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रिपोर्ट के बाद होगी न्यायालयीन कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री ओपी साहू ने बताया कि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नमूनों की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा। किसी भी नमूने में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य रक्षाबंधन और त्योहारी सीजन में आम नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

Related Articles

Back to top button