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मौसम विभाग ने 21 जिलों में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना 

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत अधिकतर इलाकों में लगे मानसूनी ब्रेक ने रविवार शाम से एक बार फिक रफ्तार पकड़ ली है। मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव के चलते एक साथ कई जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहां बीते 24 घंटों में सूबे के मंडला, डिंडोरी और विदिशा में तेज बारिश के चलते नदी – नाले उफान पर आ गए हैं। वहीं, मौसम विभाग ने आज सोमवार को राज्य के 21 जिलों भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबकि, लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, सूबे के राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास जिले के अंधिकतर इलाकों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में करीब 8 इंच तक बारिश की संभावना जताई गई है। जबकि, 16 जिलों में भारी बारिश और कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ पानी गिरने की संभावना है।

हालात सुधरने के आसार

प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने के बावजूद अब तक बारिश का औसत आंकड़ा सामान्य से कम है। मध्यप्रदेश में अब तक करीब 17.8 इंच यानी 453 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि तक औसतन 22 इंच यानी 560 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में करीब 19 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में करीब 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों समेत प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश सामान्य से कम है, जबकि ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

दो महीने कमजोर रहा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, मौजूदा निम्न दबाव क्षेत्र के कारण प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बढ़ी हैं और अगले दो दिन इसका असर ज्यादा रहने की संभावना है। इसके बाद 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास नया चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं, जिससे 13 अगस्त के आसपास एक और निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है। 12 और 13 अगस्त को प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश और जुलाई में मानसून के कमजोर पड़ने के कारण बारिश की कमी बनी हुई है। पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है।

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