उज्जैन- सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों और उज्जैन के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अपने पुश्तैनी मकान का हिस्सा स्वयं गैंती चलाकर ढहा दिया। पैतृक घर पर पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने मकान के निर्धारित हिस्से को हटाने की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक भी नजर आए।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस घर में बचपन बीता हो, जहां इंसान छोटा से बड़ा हुआ हो, वहां का हिस्सा तोड़ना भावुक करने वाला होता है। लेकिन यदि सिंहस्थ और उज्जैन के विकास के लिए इसकी आवश्यकता है तो यह बलिदान देना ही होगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन के लोगों ने भी विकास के लिए अपने मकान पीछे हटाए हैं और यह अनुकरणीय उदाहरण है।
730 मीटर मार्ग का होगा चौड़ीकरण
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इसी परियोजना की निर्धारित सीमा में मुख्यमंत्री का पैतृक मकान भी आ रहा है। मार्ग चौड़ीकरण और विकास कार्य पर करीब 9.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री द्वारा अपने ही पैतृक मकान का हिस्सा हटाने की शुरुआत को विकास कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। इस मार्ग की चौड़ाई बढ़ने से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और आवागमन सुगम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सिंहस्थ में बढ़ेगा श्रद्धालुओं और वाहनों का दबाव
सिंहस्थ महापर्व के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या में बड़ी वृद्धि संभावित है। इसे देखते हुए शहर के प्रमुख संपर्क मार्गों के चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है। खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक का मार्ग भी सिंहस्थ की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।