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बेटे को बचाने में उजड़ा परिवार, खाई में गिरे मां-पिता समेत तीन की मौत छत्रपति संभाजीनगर में पहाड़ी पर 5 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, बेटे को गिरता देख मां ने भी लगाई छलांग, पूरे परिवार की मौत

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

महाराष्ट्र के संभाजीनगर में एक पहाड़ी पर पांच घंटे तक चले रेस्क्यू और समझाइश के प्रयासों का अंत बेहद दर्दनाक हुआ। पारिवारिक तनाव के चलते खतरनाक पहाड़ी की चोटी पर पहुंचे 19 वर्षीय युवक को बचाने के प्रयास में उसके माता-पिता की भी जान चली गई। बेटे को बचाने के दौरान पिता का संतुलन बिगड़ा और वह बेटे के साथ खाई में जा गिरा। दोनों को आंखों के सामने गिरता देख मां ने भी खाई में छलांग लगा दी।

बताया गया कि तिसगांव क्षेत्र के खवड्या डोंगर पर झाल्टा फाटा निवासी कुणाल चांदगुडे (19) शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पहाड़ी के खतरनाक कड़े पर पहुंच गया था। पिछले कुछ दिनों से उसका पिता मुरलीधर चांदगुडे (48) से घरेलू खर्च और मोबाइल फोन की बकाया ईएमआई को लेकर विवाद चल रहा था। तनावग्रस्त कुणाल को मनाने के लिए परिवार के साथ पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय नागरिकों ने करीब पांच घंटे तक प्रयास किए।

मां की आखिरी गुहार—‘तेरे साथ रहूंगी, मुझे छोड़कर मत जा’

बेटे को बचाने के लिए मां संगीता (42) ने भावुक होकर उससे कहा कि वह उसके पिता से अलग होकर उसके साथ रहेगी। बेटे को भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने अपना मंगलसूत्र तक उतारकर फेंक दिया। मां की भावुक अपील के बाद कुणाल कुछ शांत हुआ और उम्मीद जगी कि उसे सुरक्षित नीचे लाया जा सकेगा।

लेकिन इसी बीच बेटे को पकड़कर सुरक्षित करने की कोशिश में पिता मुरलीधर तेजी से आगे बढ़े। बताया गया कि फिसलन भरी पहाड़ी पर कुणाल को पकड़ते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और पिता-पुत्र दोनों खाई में जा गिरे।

‘मेरा बच्चा चला गया’ कहकर मां ने भी लगाई छलांग

पति और इकलौते बेटे को अपनी आंखों के सामने खाई में गिरता देखकर मां संगीता बदहवास हो गईं। ‘मेरा बच्चा चला गया’ कहते हुए उन्होंने भी पहाड़ी से नीचे छलांग लगा दी। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से इलाके में मातम पसरा हुआ है।

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