कटनी की पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। नेहा पच्चीसिया के दो अन्य साथियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। कटनी के कुठला थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद वे गायब हो गई थीं। नेहा पच्चीसिया की आखिरी लोकेशन भोपाल मुख्यालय में थी। उन्हें केस दर्ज होने की भनक लग गई थी। नेहा पच्चीसिया के हेड क्वार्टर में होने के बाद भी पुलिस उन्हें पकड़ नहीं सकी। इसके बाद वे गायब हो गईं। गिरफ़्तारी से बचने के लिए नेहा पच्चीसिया लगातार अपने ठिकाने बदल रहीं हैं। हालांकि वरिष्ठ अधिकारी उन्हें जल्द पकड़ने का दावा कर रहे हैं।
आरोपी को कथित तौर पर राहत दिलाने के लिए हुई सौदेबाजी के मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी ने झिंझरी जेल में बंद आरोपी आकाश-रमेश लोधी के बयान दर्ज किए। घंटों पूछताछ भी की गई। इसी के साथ एसआईटी जांच महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई। अब कटनी में गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
कुठला में दर्ज है एफआईआर
जमीन मामले में कटनी की पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर कुठला थाने में एफआईआर दर्ज है। उनके सहयोगी क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी पर भी मामला दर्ज हुआ है। पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर बीएनएस की धाराओं में 61, 198, 199(बी), 307 और 318 के तहत केस दर्ज किया गया है। एफआईआर के बाद नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया था।
नेहा पच्चीसिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस एक्टिव
जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं। आठ सदस्यों वाली एसआईटी की हेड एडिशनल एसपी अंजना तिवारी मामले की जांच कर रहीं हैं।
पता चला है कि नेहा पच्चीसिया आखिरी बार भोपाल में देखी गई थीं। गुरुवार को जब कटनी के कुठला थाने में केस दर्ज किया था तब उनकी लोकेशन पुलिस हेडक्वार्टर के पास मिली थी। नेहा पच्चीसिया को अपने खिलाफ मामला दर्ज हो जाने की भनक लग चुकी थी इसलिए वे तुरंत वहां से निकल गईं। हेडक्वार्टर में रहते हुए भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। पुलिस की कई टीमें अब नेहा पच्चीसिया की तलाश में जुटी हैं।
पिछले चार दिनों से सीलबंद तत्कालीन सीएसपी नेहा पच्चीसिया के कार्यालय को भी एसआईटी की जांच के बाद खोले जाने की तैयारी है। कार्यालय खोलने से पहले जांच टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगी। इसके बाद फाइलों, दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। प्रकरण से संबंधित सामग्री मिलने पर उसे जब्त कर विवेचना में शामिल किया जा सकता है। जांच टीम यह भी देखेगी कि प्रकरण या कथित जमीन सौदे से जुड़ा कोई पत्राचार अथवा रिकॉर्ड कार्यालय में मौजूद है या नहीं।