मध्यप्रदेश

आंखों में रोशनी नहीं, आवाज में वो जादू कि दुनिया देख रही है!, सागर के अगरा गांव के दृष्टिबाधित सुनील लोधी की आवाज पहुंची बड़े पर्दे तक, ‘हनुमान अंश’ के भजन ने दिलों में बनाई खास जगह, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुलाकर किया सम्मान

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

सागर- कहते हैं, ईश्वर किसी से कुछ लेता है तो बदले में ऐसी खूबी जरूर देता है, जो उसे सबसे अलग बना देती है। सागर जिले के छोटे से गांव अगरा के दृष्टिबाधित युवक सुनील लोधी पर यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। उनकी आंखें भले ही दुनिया नहीं देख सकतीं, लेकिन आज उनकी आवाज के जरिए दुनिया उन्हें देख और पहचान रही है।

हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ में सुनील लोधी के गाए भजन को दर्शकों से खूब सराहना मिल रही है। गरीबी और तमाम चुनौतियों के बीच बुंदेली लोकगीत और भजनों को अपनी आवाज देने वाले सुनील की प्रतिभा अब गांव की गलियों से निकलकर बड़े पर्दे तक पहुंच गई है।

बचपन से हाथ में तंबूरा, भजनों से बनाई पहचान

सुनील लोधी बताते हैं कि जब से उन्होंने होश संभाला, उनके हाथ में तंबूरा थामने का सिलसिला शुरू हो गया था। वे गांव-गांव और अलग-अलग स्थानों पर जाकर बुंदेली लोकगीत और भजन गाया करते थे। लोग उनकी आवाज से प्रभावित होकर प्रोत्साहन के रूप में कुछ रुपये भी दे दिया करते थे। बचपन से ही वे भगवान हनुमान के भक्त रहे हैं और उनके भजन गाते रहे। इसी भक्ति और गायकी ने धीरे-धीरे उन्हें पहचान दिलाई।

सोशल मीडिया ने गांव के कलाकार को दिया बड़ा मंच

सुनील की प्रतिभा को डिजिटल दुनिया तक पहुंचाने में सलैया गांव के अमन मेहरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अमन ने उन्हें सोशल मीडिया से जोड़ा, जहां सुनील बुंदेली भजन और लोकगीत गाने लगे। इसके बाद उनकी आवाज लोगों तक पहुंचने लगी।

वहीं रोहित साहू ने बुंदेली चैनल पर सुनील को पहली बार मंच दिया। ‘संकट के कटैया हनुमान’ भजन से उन्हें खास पहचान मिली। इसके बाद उनकी प्रतिभा फिल्म ‘हनुमान अंश’ तक पहुंची और उन्हें फिल्म में भजन गाने का मौका मिला।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया सम्मान

सुनील की सफलता की खबर जब मध्यप्रदेश के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तक पहुंची तो उन्होंने सुनील को मिलने बुलाया और सम्मानित किया। मंत्री ने उनसे बातचीत की और वही भजन सुना, जिसे दर्शकों से खूब प्यार मिल रहा है। इस मुलाकात ने सुनील के लिए खुशी का नया अध्याय खोल दिया।

मंत्री के बेटे ने खुद संभाली कार की स्टेयरिंग

सुनील के प्रति सम्मान का भाव उस समय और देखने को मिला, जब मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के बेटे आकाश सिंह राजपूत खुद अपनी कार लेकर उन्हें लेने पहुंचे। उन्होंने खुद ड्राइविंग करते हुए सुनील को घुमाया और काफी देर तक उनसे बातचीत की।

आकाश सिंह राजपूत ने सुनील को ‘सुपर स्टार’ बताते हुए कहा कि वे बुंदेलखंड का नाम ऊंचा कर रहे हैं। उन्होंने सुनील के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसे लोगों का खूब प्यार मिल रहा है।

ठोकरों से बड़े पर्दे तक का सफर

जिस सुनील लोधी ने कभी गरीबी के कारण जिंदगी की राह में ठोकरें खाईं, आज उनकी आवाज बड़े पर्दे पर गूंज रही है। सुनील की कहानी सिर्फ एक कलाकार के संघर्ष की कहानी नहीं, बल्कि यह संदेश भी देती है कि प्रतिभा को आंखों की रोशनी की जरूरत नहीं होती, उसे सिर्फ एक मंच और पहचान की जरूरत होती है। अगरा गांव से निकली सुनील की आवाज अब बुंदेलखंड की पहचान बनकर बड़े मंचों तक पहुंच रही है।

Related Articles

Back to top button