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आंखों में रोशनी नहीं, लेकिन आवाज में है उजाला… मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मिले ‘हनुमान अंश’ के गीत गायक सुनील लोधी, CM ने की प्रतिभा की सराहना, एक लाख की सम्मान निधि और हरसंभव सहयोग का दिलाया भरोसा

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल- जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद अपनी सुरीली आवाज और अद्भुत प्रतिभा के दम पर पहचान बना रहे सागर जिले के युवा बुंदेली गायक सुनील लोधी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हुनर के सामने शारीरिक सीमाएं भी छोटी पड़ जाती हैं। गुरुवार को सुनील लोधी ने मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की।

हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ के लिए बुंदेली में सुनील द्वारा गाया गया गीत ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई’ तेजी से लोकप्रिय हुआ है। उनकी इसी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुनील को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनकी प्रतिभा की जमकर सराहना की।

एक लाख रुपए की सम्मान निधि देने की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रेष्ठ और प्रतिभाशाली कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुनील लोधी को प्रोत्साहित करने के लिए एक लाख रुपए की सम्मान निधि प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सुनील के माता-पिता का भी सम्मान किया और कहा कि उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।

सुनील की आंखों की रोशनी के लिए भी मदद का भरोसा

सुनील लोधी की प्रतिभा से प्रभावित मुख्यमंत्री ने उनकी आंखों की रोशनी वापस लाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सुनील के जीवन में नई रोशनी लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

संगीत की औपचारिक शिक्षा में भी मिलेगा सहयोग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुनील की बचपन से ही गायन के क्षेत्र में गहरी रुचि रही है। इसलिए उन्हें संगीत विद्यालय से औपचारिक संगीत पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए भी सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टैलेंट सर्च जैसे कार्यक्रम आयोजित कर ऐसे हुनरमंद युवाओं को मंच और अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के सामने सुनाए फिल्मी गीत और भजन

मुलाकात के दौरान सुनील लोधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को फिल्म ‘हनुमान अंश’ का लोकप्रिय गीत ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई’ तंबूरा बजाते हुए सुनाया। सुनील की गायकी से प्रभावित मुख्यमंत्री के आग्रह पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर गाया जाने वाला भजन ‘जन्म लए रघुराई, ब्रज में बज रही बधाई’ भी प्रस्तुत किया।

सुनील की आवाज और प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों को भावविभोर कर दिया। जन्म से दृष्टिबाधित सुनील ने अपनी प्रतिभा के बल पर जिस तरह बुंदेली गायन को नई पहचान दिलाई है, वह प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का संदेश भी है।

इस अवसर पर सुनील लोधी के पिता महेंद्र सिंह लोधी, माता भाग बाई उपस्थित रहें।

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