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एमपी के उज्जैन में होटल के वेस्ट टैंक में गिरे सफाई कर्मचारी को बचाने उतरे 4 साथियों की जहरीली गैस से मौतें, सीएम मोहन यादव ने मौतों पर जताया दुख

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी

उज्जैन- मध्यप्रदेश के उज्जैन में शनिवार देर रात एक निजी होटल में वेस्ट टैंक की सफाई के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। श्रीगंगा होटल के अंडरग्राउंड वेस्ट टैंक में सफाई के लिए उतरे कर्मचारियों में एक कर्मचारी के गिरने के बाद उसे बचाने के प्रयास में चार अन्य कर्मचारी भी टैंक में उतर गए। टैंक में मौजूद जहरीली गैस और गंदगी के कारण सभी बेहोश हो गए। हादसे में चार कर्मचारियों कमलेश, नितिन, वाहिद और मनोज मीणा की मौत हो गई, जबकि एक कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार रात करीब 12 बजे एक कर्मचारी टैंक की सफाई कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे टैंक में जा गिरा। उसे बचाने के लिए अन्य कर्मचारी एक-एक कर टैंक में उतरते चले गए, लेकिन जहरीली गैस के प्रभाव से वे भी बेहोश हो गए। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सभी कर्मचारियों को बाहर निकाला। तीन मजदूरों को एक साथ सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। सभी को एंबुलेंस से चरक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने चार कर्मचारियों को मृत घोषित कर दिया। एक कर्मचारी की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

खाद्य और डेयरी अपशिष्ट से भरा था अंडरग्राउंड टैंक

बताया गया है कि होटल परिसर में बने वेस्ट टैंक में रेस्टोरेंट का बचा हुआ भोजन, डेयरी वेस्ट और मिठाइयों के अवशेष सहित अन्य अपशिष्ट जमा होते थे। इस गहरे अंडरग्राउंड चैंबर की सफाई करीब 8 से 10 दिन में कराई जाती थी। शनिवार रात सफाई के लिए बाहर से कर्मचारियों को बुलाया गया था।

विशेषज्ञों के अनुसार, खाद्य पदार्थों और डेयरी अपशिष्ट के सड़ने तथा टैंक में ऑक्सीजन की कमी के कारण मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड, कार्बन डाइऑक्साइड और अमोनिया जैसी खतरनाक गैसें बन सकती हैं। इन गैसों के संपर्क में आने से दम घुटने, सांस लेने में परेशानी और बेहोशी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह जहरीली गैस और टैंक में मौजूद फिसलन मानी जा रही है।

निजी ठेका कंपनी को सौंपा गया था सफाई का काम

होटल संचालक हेमंत गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वेस्ट टैंक की सफाई का काम एक निजी ठेका कंपनी को सौंपा गया था और टैंक में उतरे सभी कर्मचारी उसी कंपनी के थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि सफाई के दौरान सुरक्षा के निर्धारित इंतजाम किए गए थे या नहीं।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता

उज्जैन में हुए इस हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है। रविवार को उन्होंने मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उज्जैन के एक निजी होटल में चैंबर की सफाई के दौरान हुई दुर्घटना में चार लोगों के दुखद निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए अधिकारियों को मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को इस गहन दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

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