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न्यू कटनी जंक्शन में 45 हजार की रिश्वत लेते वरिष्ठ अनुभाग अभियंता गिरफ्तार, सीबीआई जबलपुर की एंटी करप्शन ब्रांच ने बिछाया जाल, प्रति कर्मचारी 1500 रुपए मांगने का आरोप; 12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की रिपोर्ट

जबलपुर/कटनी- रेलवे में ठेकेदारों से जुड़े कामकाज में रिश्वतखोरी का एक और मामला सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच जबलपुर ने न्यू कटनी जंक्शन में पदस्थ वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (इलेक्ट्रिक-एम) अजय वीर सिंह को 45 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी ने ठेकेदार के कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधी स्वीकृति देने के एवज में प्रति कर्मचारी 1500 रुपए की मांग की थी। मामले की शिकायत कटनी निवासी ठेकेदार शशांक कुशवाहा ने सीबीआई से की थी।

शिकायत के बाद सीबीआई ने किया सत्यापन

शिकायत के अनुसार, न्यू कटनी जंक्शन में कार्यरत ठेकेदार के कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधी स्वीकृति देने के बदले अधिकारी ने कुल 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई ने 4 नवंबर को स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में रिश्वत मांगने के आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।

500 के 90 नोटों के साथ बिछाया जाल

सीबीआई ने 5 नवंबर की रात योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। शिकायतकर्ता के पिता तेजराम कुशवाहा ने 500 रुपए के 90 नोट, कुल 45 हजार रुपए, टीम को उपलब्ध कराए। तय योजना के मुताबिक जैसे ही आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैनात सीबीआई अधिकारियों ने दबिश देकर उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

विशेष अदालत ने 12 नवंबर तक भेजा जेल

गिरफ्तारी के बाद आरोपी का नियमानुसार मेडिकल परीक्षण कराया गया। 6 नवंबर को उसे जबलपुर स्थित विशेष सीबीआई न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने आरोपी को 12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।

रेलवे में ठेकेदार के कर्मचारियों की नियुक्ति जैसी प्रक्रिया में रिश्वत मांगने का यह मामला विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सीबीआई की कार्रवाई से रेलवे महकमे में भी हलचल मची हुई है।

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