कटनी- जिले के विजयराघवगढ़ वन क्षेत्र से वन्यजीवों के सामूहिक शिकार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। घुघरी-कांटा गांव के समीप स्थित एक तालाब के पानी में कथित रूप से ज़हर मिलाकर शिकारियों ने वन्यजीवों को निशाना बनाया है। प्यास बुझाने पहुंचे चीतल और सांभर जहरीला पानी पीते ही दम तोड़ बैठे। गुरुवार सुबह गश्त पर निकली वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तालाब के आसपास लगभग 100 मीटर के दायरे में 12 चीतल और 2 सांभर के शव बरामद किए।
घटना के बाद वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया गया। खोजबीन के दौरान टीम घुघरी गांव में एक संदिग्ध के घर पहुंची, जहां तलाशी में ताजे खून के निशान, वन्यजीवों के बाल, मांस, शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले फंदे तथा अन्य उपकरण मिले। एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसकी निशानदेही पर गढ़ी गांव से उसके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपियों के खिलाफ वन विभाग ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पानी के नमूने जांच के लिए भेजे
डीएफओ गौरव गंगवार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तालाब के पानी में ज़हर मिलाने की बात स्वीकार की है। प्रथम दृष्टया आशंका है कि जहरीला पानी पीने से ही वन्यजीवों की मौत हुई। सभी मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कराया गया है, जबकि तालाब के पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
66 वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होगी, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।