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स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के कड़े निर्देश- हर बच्चे का दाखिला जरूरी, लक्ष्य अधूरा रहा तो कार्रवाई समझों तय, वही कमजोर प्रगति पर बीआरसीसी कटनी को कारण बताओ नोटिस जारी

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी- जिले में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसे लेकर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाते हुए निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर भी मौजूद रहीं।

जुलाई अंत तक शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य

कलेक्टर ने कक्षा 1, 6 और 9 सहित सभी कक्षाओं में जुलाई माह के अंत तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहना चाहिए। नामांकन का लक्ष्य अधूरा रहने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

कमजोर प्रगति पर नाराजगी, बीआरसीसी कटनी को नोटिस

समीक्षा के दौरान विकासखंड कटनी की प्रगति अपेक्षाकृत कमजोर पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। विभागीय योजनाओं की जानकारी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं करने और गोलमोल जवाब देने पर बीआरसीसी कटनी श्री मनोज गौतम को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि समीक्षा बैठकों में केवल आंकड़े प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए।

डिजिटल शिक्षा और अपार आईडी पर विशेष फोकस

बैठक में ई-अटेंडेंस, अपार आईडी, यू-डायस डाटा, डिजिटल अध्यापन, ई-मटेरियल के उपयोग और निपुण विद्यालयों की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इन सभी कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जर्जर स्कूल भवनों की तत्काल मरम्मत के निर्देश

कलेक्टर ने जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत और आवश्यक कार्रवाई तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा श्रीमती मेघा मौर्य को डाइट भवन का निरीक्षण कर शीघ्र मरम्मत का प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण औपचारिकता नहीं, शिक्षण सुधार का माध्यम बने

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विद्यालयों में केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहें। कक्षाओं का अवलोकन करें, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का मूल्यांकन करें, आवश्यकता पड़ने पर स्वयं अध्यापन कर शिक्षकों का मार्गदर्शन करें और प्रत्येक निरीक्षण को परिणाममूलक बनाएं।

हर समीक्षा बैठक में 10 उत्कृष्ट शिक्षकों का होगा सम्मान

बैठक में नवाचार करने वाले शिक्षकों की जानकारी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक समीक्षा बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 शिक्षकों को सम्मानित किया जाए। साथ ही उनके नवाचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का सकारात्मक वातावरण विकसित हो।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री सच्चिदानंद पांडे, डाइट प्राचार्य श्री एम.पी. डुंगडुंग, कार्यपालन यंत्री श्रीमती मेघा मौर्य, सहायक संचालक श्री राजेश अग्रहरी, डीपीसी श्री प्रेमनारायण तिवारी, डाइट व्याख्याता श्री राजेन्द्र असाटी सहित विभागीय अधिकारी तथा सभी विकासखंडों के बीईओ एवं बीआरसीसी उपस्थित रहे।

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