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चुनाव आयोग पर कांग्रेस का हल्लाबोल, 28 सितंबर को भोपाल में घेराव, मतदाता सूची और SIR को लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का विरोध प्रदर्शन का ऐलान, CEC ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग, BJP ने बताया हार की बौखलाहट
जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल- चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 28 सितंबर को भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। कांग्रेस ने इसके बाद जिला स्तर पर भी निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों के घेराव की रणनीति बनाई है।
पटवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में हुए बदलावों पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए 34 लाख 25 हजार 78 नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी ने SIR से जुड़े रिकॉर्ड और नाम बहाली के आवेदनों की स्थिति को लेकर भी जवाब मांगा है।
अधिकारियों को पटवारी की चेतावनी
पटवारी ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर भी कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की चापलूसी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल जवाब दिया जाएगा। उन्होंने एसपी, कलेक्टर, राज्य निर्वाचन आयोग और केंद्रीय निर्वाचन आयोग से जुड़े अधिकारियों का भी उल्लेख किया। पटवारी ने पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग दोहराई।
बीजेपी का पलटवार—‘हार की बौखलाहट’
कांग्रेस के प्रदर्शन के ऐलान पर बीजेपी ने पलटवार किया। बीजेपी की ओर से कहा गया कि चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस को अपने दावों के समर्थन में ठोस सबूत सामने रखने चाहिए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन और आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक प्रतिक्रिया बताया है।
इस तरह SIR, मतदाता सूची में नामों के बदलाव और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। 28 सितंबर का प्रस्तावित भोपाल प्रदर्शन इस राजनीतिक टकराव का अगला बड़ा चरण होगा।
उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में 28 सितंबर को भोपाल और 29 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का कार्यक्रम बताया गया है।





