कटनी- स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए वेतन कटौती से लेकर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई की जाएगी। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा। यह स्पष्ट संदेश कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में दिया।
कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सीधे आमजन के जीवन से जुड़ी है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाए और स्वास्थ्य सूचकांकों में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, सहायक कलेक्टर श्री श्लोक वायकर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
हाई रिस्क गर्भवतियों और नवजातों की निगरानी सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की समय पर पहचान, उपचार और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की निरंतर उपलब्धता पर विशेष जोर दिया गया।
नवविवाहित दंपत्तियों के विवाह पंजीयन एवं आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के लिए जनपद स्तर पर प्रत्येक 15 दिवस में काउंसलिंग शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इनकी प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सोमवार को होने वाली समय-सीमा बैठक में की जाएगी।
प्रसव केन्द्र निष्क्रिय मिले तो होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने बहोरीबंद विकासखंड के कुंआ प्रसव केन्द्र को प्रभावी रूप से संचालित कर प्रतिमाह कम से कम 5 प्रसव कराने के निर्देश दिए। कारोपानी प्रसव केन्द्र में पदस्थ एएनएम शशि ठाकुर द्वारा आदेशों की अवहेलना पर नाराजगी जताते हुए कार्य की समीक्षा के बाद प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि प्रसव केन्द्र केवल भवन और संसाधनों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।
108 एम्बुलेंस व्यवस्था पर भी कलेक्टर सख्त
108 एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा के दौरान उपकरणों की कमी और रखरखाव में लापरवाही पर प्रतिवेदन राज्य स्तर पर भेजने के निर्देश दिए गए। एम्बुलेंस के विलंब से पहुंचने की शिकायतों पर भी वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराने को कहा गया।
जिला समन्वयक संतोष दुबे द्वारा बीएमओ एवं विकासखंड स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों के फोन अटेंड नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। वीएचएनडी दिवस पर ही पूर्ण टीकाकरण की शत-प्रतिशत पोर्टल एंट्री सुनिश्चित करने को कहा गया।
‘टीबी मुक्त कटनी’ अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने टीबी मरीजों को पोषणयुक्त फूड बास्केट उपलब्ध कराने वाले निक्षय मित्रों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जिले को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में जनभागीदारी और मजबूत करने के निर्देश दिए।
दस्तक अभियान में बहोरीबंद, रीठी एवं विजयराघवगढ़ विकासखंडों की कमजोर प्रगति पर भी जवाबदेही तय करते हुए संबंधित अधिकारियों से शीघ्र डाटा प्रस्तुत करने को कहा गया।
मातृ मृत्यु मामलों का होगा विस्तृत ऑडिट
कन्हवारा विकासखंड में अधिक मातृ मृत्यु प्रकरण सामने आने पर जिला स्तर से टीम गठित कर विस्तृत ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए। संबंधित बीपीएम, बीसीएम एवं बीएमओ को नोटिस जारी करने को कहा गया।
ग्राम पडरियां की श्रीमती दिव्या कोल की मातृ मृत्यु के मामले में अनमोल पोर्टल पर पंजीयन नहीं पाए जाने पर संबंधित एएनएम की एक वेतन वृद्धि रोकने तथा संबंधित सीएचओ का 7 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
कमजोर प्रदर्शन पर वेतन कटौती, सेवा समाप्ति की कार्रवाई
वीएचएनडी संचालन नहीं करने पर पूनम राय, सीएचओ, झिंझरी, बड़वारा; एनसीडी कार्यक्रम में न्यूनतम प्रगति पर पल्लवी कुलस्ते, सीएचओ, जमुआनीकला, बड़वारा तथा एएनसी पंजीयन कम होने पर लक्ष्मी कोल, एएनएम, खमतरा, ढीमरखेड़ा का 3 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
एनसीडी एवं अनमोल पोर्टल पर शून्य एंट्री और दो माह से अनुपस्थित रहने पर पूजा बलेचा, सीएचओ, झिंझरी, ढीमरखेड़ा की सेवा समाप्ति की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सभी स्वास्थ्य सूचकांकों में कमजोर प्रगति पर सारिका यादव, एएनएम, बड़गांव, रीठी को एक माह का अवैतनिक करने तथा सुधार नहीं होने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई। वहीं प्रज्ञा मालवीय, सीएचओ, अमगवां, रीठी को कमजोर प्रदर्शन पर 15 दिवस का अवैतनिक करने के निर्देश दिए गए।
अच्छा काम करने वालों का सम्मान, कलेक्टर ने बढ़ाया हौसला
बेहतर परिणाम देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को कलेक्टर श्री तिवारी ने सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में एएनएम देवरी रैदास, संध्या सिसोदिया, रागनी नामदेव, कल्पना नामदेव, शिल्पी मिश्रा, अनुराधा सक्सेना एवं मंजुला वाल्टर तथा सीएचओ रश्मि नामदेव, राजकुमारी पटेल, प्रियंका ताम्रकार, रीता तिवारी, मो. रियाज खान एवं रीता सिंह शामिल रहे।
कलेक्टर ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणा बनेगा और स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
जिला अस्पताल की ड्रेनेज व्यवस्था होगी दुरुस्त
बैठक के बाद कलेक्टर ने जिला अस्पताल की जल निकासी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। जलभराव और अव्यवस्थित ड्रेनेज को देखते हुए नेशनल हेल्थ मिशन के उपयंत्री को संपूर्ण ड्रेनेज सिस्टम को सुव्यवस्थित एवं कार्यक्षम बनाने का काम तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
प्रारंभिक रूप से आवश्यक राशि जिला रोगी कल्याण समिति से खर्च की जाएगी। बाद में लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई और नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा 50-50 प्रतिशत राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
कलेक्टर का स्पष्ट संदेश—स्वास्थ्य सेवाओं में परिणाम चाहिए, बहाने नहीं। लापरवाही पर कार्रवाई और उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान, अब इसी आधार पर तय होगी जवाबदेही।