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DSP पर FIR: हत्या के आरोपी को राहत दिलाने के आरोप में करोड़ों की जमीन का सौदा! MPPSC में 20वीं रैंक वाली नेहा पचीसिया की नौकरी खतरे में

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी में हत्या के केस से जुड़ी जांच में बड़ा खुलासा, CSP समेत तीन पर धोखाधड़ी व आपराधिक षड्यंत्र का केस

कटनी- मध्यप्रदेश में एक DSP रैंक की अधिकारी पर FIR दर्ज होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कटनी में हत्याकांड के आरोपी को राहत दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की जमीन को कथित रूप से कौड़ियों के भाव खरीदने के मामले में तत्कालीन कटनी CSP नेहा पचीसिया सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले में FIR दर्ज होने के बाद MPPSC परीक्षा में 20वीं रैंक हासिल कर पुलिस सेवा में पहुंचीं नेहा पचीसिया के करियर पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

जेल में बंद आरोपी के बेटे ने की थी शिकायत

31 मार्च को नेहा पचीसिया के खेत में काम करने वाले मजदूर झब्बू की हत्या के मामले में पुलिस ने रमेश लोधी, उसके बेटे और एक अन्य व्यक्ति को आरोपी बनाया था। हत्या के आरोप में रमेश लोधी जेल में बंद है। आरोप है कि मामले में राहत दिलाने और बयान बदलवाने के नाम पर करीब 75 लाख रुपए की मांग की गई। रमेश के बेटे आकाश ने CSP नेहा पचीसिया की शिकायत की थी।

DGP के निर्देश पर हुई IPS स्तर की जांच

शिकायत के बाद DGP के निर्देश पर जबलपुर IG प्रमोद वर्मा ने IPS अनु बेनीवाल से मामले की जांच कराई। जांच में CSP नेहा पचीसिया और जमीन के सौदे से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने की बात सामने आई। जांच रिपोर्ट के आधार पर IG के निर्देश पर कुठला थाने में नेहा पचीसिया, कथित बिचौलिया क्षितिजराज बारापात्रे और जमीन खरीदार मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

90 दिन में चालान नहीं, आरोपी को मिल गई डिफॉल्ट बेल

जांच के दौरान एक और तथ्य ने संदेह को गहरा कर दिया। हत्या जैसे संगीन मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ निर्धारित 90 दिन के भीतर चालान पेश नहीं किया गया, जिसके बाद आरोपी को अदालत से डिफॉल्ट बेल यानी वैधानिक जमानत मिल गई। जांच में इस पूरी परिस्थिति को भी संदेह के दायरे में माना गया।

करोड़ों की जमीन 18.20 लाख में रजिस्ट्री का आरोप

मामले में आरोप है कि जेल में बंद रमेश लोधी पर दबाव बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। कथित रूप से करोड़ों रुपए मूल्य की जमीन का सौदा महज 18.20 लाख रुपए में कराया गया। जांच में लेन-देन और सौदे से जुड़े खातों की भी पड़ताल की गई।

तीनों पर ये आरोप

नेहा पचीसिया, CSP: हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपी रमेश लोधी पर दबाव बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने और पूरे सौदे में भूमिका निभाने के आरोप।
क्षितिजराज बारापात्रे, कथित बिचौलिया: जमीन सौदे में कथित मध्यस्थता, खरीदार के खाते में 5 लाख रुपए भेजने तथा शाइन पार्टनर्स से जुड़े खाते में भूमिका का आरोप।
मारूफ अहमद हनफी, खरीदार: 18.20 लाख रुपए में जमीन की रजिस्ट्री कराने और विवादित सौदे में भूमिका निभाने का आरोप।

MPPSC में 20वीं रैंक, अब करियर पर संकट

नेहा पचीसिया ने MPPSC की राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षा में 20वीं रैंक हासिल की थी और मध्यप्रदेश पुलिस सेवा में DSP बनीं। FIR दर्ज होने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। पुलिस अधिकारी के रूप में उन पर पहले भी अवैध वसूली के आरोप लग चुके हैं। हाल ही में एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी द्वारा की गई शिकायत के बाद भी वे सुर्खियों में आई थीं।

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