उज्जैन के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस में धार्मिक आयोजन के नाम पर हाई-वोल्टेज स्टंट किया गया। अड़ान मोहल्ले से निकले जुलूस में एक कार को क्रेन से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाकर उसके ऊपर युवकों ने लाल झंडे लहराए और बाद में वाहन में धमाके जैसा प्रदर्शन किया। नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद थी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आयोजकों, प्रदर्शन करने वालों और क्रेन उपलब्ध कराने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
23 जून की रात बड़नगर के अड़ान मोहल्ले से निकले मोहर्रम जुलूस में ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए। वायरल वीडियो में चार पहिया वाहन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई तक हवा में लटकाया गया। वाहन की छत पर दो युवक लाल झंडे लहराते दिखाई दिए, जबकि नीचे सैकड़ों लोग तमाशा देख रहे थे। कुछ देर बाद वाहन के भीतर तेज धमाके जैसा दृश्य सामने आया, जिससे मौके पर मौजूद लोग भी चौंकउपयोग’
‘ले फिर आ गए’ लिखी गाड़ी बनी प्रदर्शन का केंद्र
वीडियो में जिस कार का उपयोग किया गया, उस पर बड़े अक्षरों में ‘ले फिर आ गए’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा है। दोनों युवकों ने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। पूरे प्रदर्शन के दौरान वाहन हवा में झूलता रहा। यदि क्रेन में तकनीकी खराबी आती या वाहन का संतुलन बिगड़ता तो भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो सकता था।
अनुमति जुलूस की थी, खतरनाक करतब और विस्फोट की नहीं
पुलिस के अनुसार मोहर्रम जुलूस निकालने की वैधानिक अनुमति दी थी, लेकिन वाहन को हवा में लटकाकर प्रदर्शन करने या विस्फोटक प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। प्रशासन का मानना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में इस तरह का आयोजन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा था।
चार पर एफआइआर, तीन आरोपी हिरासत में
एएसपी ग्रामीण करनदीप सिंह के अनुसार मामले में आयोजक शोएब खान, वाहन पर प्रदर्शन करने वाले तालीम उर्फ तपसील खान और जाहिद खान तथा क्रेन उपलब्ध कराने वाले गोपाल माली सहित चार लोगों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक शोएब, जाहिद और तपसील उर्फ तस्लीम को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस की जांच में सामने आई धमाके की वजह
पुलिस का कहना है कि वाहन में उपयोग किए गए पटाखा रॉकेट एक साथ छोड़े गए थे। वाहन के कांच बंद होने के कारण भीतर गैस का दबाव बढ़ गया और बाद में कांच टूटने के साथ वह दबाव बाहर निकला। इसी कारण वीडियो में विस्फोट जैसा दृश्य दिखाई दे रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति इस तरह का प्रदर्शन कानून का उल्लंघन है और इसमें जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।