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80 लाख वेतन, 2.53 करोड़ खर्च… इंदौर नगर निगम अफसर के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

31 साल की नौकरी में आय से 1.73 करोड़ ज्यादा खर्च का खुलासा, 216.35% अनुपातहीन संपत्ति का प्रारंभिक अनुमान

इंदौर- नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र कुमार पाण्डेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। लोकायुक्त की टीम ने अधिकारी से जुड़े इंदौर के दो ठिकानों पर एक साथ सर्चिंग शुरू की। प्रारंभिक जांच में अधिकारी की वैध आय और खर्च के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।

लोकायुक्त के मुताबिक पाण्डेय के करीब 31 साल के सेवाकाल में लगभग 80 लाख रुपए वेतन के रूप में प्राप्त हुए, जबकि जांच में अब तक करीब 2.53 करोड़ रुपए का खर्च सामने आया है। आय-व्यय के इस अंतर के आधार पर करीब 1 करोड़ 73 लाख 8 हजार 69 रुपए की अनुपातहीन राशि का प्रारंभिक अनुमान लगाया गया है। यह राशि अधिकारी की वैध आय से करीब 216.35 प्रतिशत अधिक बताई गई है।

पत्नी के नाम भी संपत्तियां मिलीं

जांच में अधिकारी की पत्नी भावना पाण्डेय के नाम पर संपत्तियां सामने आने की जानकारी लोकायुक्त ने दी है। टीम द्वारा संपत्तियों के दस्तावेज, निर्माण और निवेश से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

लोकायुक्त के अनुसार आनंद नगर एक्सटेंशन, नवलखा-चितावद और गजाधर नगर क्षेत्र में संपत्तियों की जानकारी मिली है। गजाधर नगर में प्लॉट नंबर 23 पर 40×50 फीट के भूखंड पर G+3 भवन निर्मित है। इसके निर्माण पर करीब 1.20 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान जांच में सामने आया है।

सर्चिंग पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सर्चिंग और दस्तावेजों का परीक्षण अभी जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही अनुपातहीन संपत्ति की वास्तविक स्थिति और कुल राशि स्पष्ट हो सकेगी। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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