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नागपंचमी-सावन सोमवार का महासंयोग; आधी रात खुलेंगे नागचंद्रेश्वर के पट, उज्जैन में उमड़ेगा भक्तों का सैलाब, इसी दिन निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

24 घंटे होंगे नागचंद्रेश्वर के दर्शन; इसी दिन निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी

उज्जैन- धार्मिक नगरी उज्जैन में इस बार नागपंचमी का पर्व बेहद खास होने जा रहा है। 17 अगस्त को नागपंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक ही दिन पड़ रहा है। इस विशेष संयोग के चलते श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 16 अगस्त की रात 12 बजे से 17 अगस्त की रात 12 बजे तक 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। प्रशासन ने इस दौरान करीब 8 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने का अनुमान लगाया है।

साल में सिर्फ एक बार मिलते हैं नागचंद्रेश्वर के दर्शन

महाकाल मंदिर के शीर्ष तल पर विराजमान भगवान नागचंद्रेश्वर के मंदिर के पट वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर खोले जाते हैं। इस बार नागपंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार होने से श्रद्धालुओं को एक ही दिन नागचंद्रेश्वर के दुर्लभ दर्शन और बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन का अवसर मिलेगा।

रात 11:30 बजे से शुरू होगा पूजन

पट खुलने से पहले 16 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे से विशेष पूजन शुरू होगा। महानिर्वाणी अखाड़े के संतों द्वारा पूजन के बाद मध्यरात्रि में मंदिर के पट खोले जाएंगे। इसके बाद लगातार 24 घंटे श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। 17 अगस्त को दोपहर में शासकीय पूजन तथा शाम को भी विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

महाकाल की सवारी भी निकलेगी

नागपंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार होने के कारण बाबा महाकाल की पारंपरिक सवारी भी 17 अगस्त को नगर भ्रमण पर निकलेगी। नागचंद्रेश्वर दर्शन, नागपंचमी और महाकाल की सवारी के एक साथ होने से उज्जैन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम

करीब आठ लाख श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए प्रशासन और श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने दर्शन, यातायात, पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई, सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया है। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रमुख स्थानों पर चिकित्सा दल और एंबुलेंस भी तैनात रहेंगी। वृद्ध, दिव्यांग और निःशक्त श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी रहेगी।

श्रद्धालुओं को निर्धारित प्रवेश मार्ग और समय का पालन करने की अपील की गई है। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक नगरी उज्जैन में इस बार नागपंचमी का पर्व आस्था, परंपरा और श्रद्धा के विराट संगम का गवाह बनने जा रहा है। नागचंद्रेश्वर के साल में एक बार होने वाले दर्शन और बाबा महाकाल की सवारी को लेकर देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की तैयारियां तेज हो गई हैं।

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