मध्य प्रदेश के मंडला जिले में 8 जुलाई को अस्पताल ले जाते समय एक महिला ने ऑटो-रिक्शा में चार बच्चों को जन्म दिया, लेकिन जन्म के कुछ ही देर बाद चारों बच्चों ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार के लोगों ने खूब हंगामा किया और आरोप लगाया कि मंगलवार को एम्बुलेंस न मिलने के कारण नवजातों की जान चली गई। उन्होंने अस्पताल से मिलने वाली सुख-सुविधा पर भी सवाल उठाया, जबकि स्वास्थ्य अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार बच्चों की मौत समय से पहले जन्म और उनके अधूरे विकास के कारण हुई।
चारों बच्चों की मौत का कारण
महिला के पति का दावा है कि अगर समय पर एम्बुलेंस मिल जाती तो उनके चारों बच्चे बच सकते थे। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. डी.जे. मोहंती ने बताया कि नाइगांव की रहने वाली रजनी सिंगाराम को गर्भावस्था के सातवें महीने में प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद एक निजी वाहन से घुथास के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। इस मामले की जानकारी देते हुए, अधिकारी ने बताया कि उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ऑटो-रिक्शा से बिछिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। हालांकि, महिला के परिवार वालों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद उन्होंने इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा को फोन किया था, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो वे उसे ऑटो-रिक्शा से अस्पताल ले गए।
ऑटो में महिला ने 4 बच्चों को दिया जन्म
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही उन्होंने निजी वाहन में चार बच्चों को जन्म दिया। मोहंती ने कहा, ‘चारों बच्चों- तीन लड़कियां और एक लड़के की मौत हो गई, क्योंकि वे समय से पहले पैदा हुए थे और उनका वजन लगभग 1.5 किलोग्राम था।’ स्वास्थ्य अधिकारी ने आगे बताया कि चारों बच्चों की मौत के बाद महिला को बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और वह खतरे से बाहर है।